फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसानों ने किया ‘पगड़ी संभाल जट्टा’ आंदोलन को याद, बोले- आज भी यही हालात, देखें तस्वीरें

Wed, 24 Feb 2021 02:22 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 6
चंडीगढ़ में पगड़ी संभाल जट्टा आंदोलन को लोगों ने किया याद। - फोटो : अमर उजाला (सभी फोटो अजय वर्मा)
शहीद भगत सिंह के चाचा अजीत सिंह के जन्म दिवस पर मंगलवार को ‘पगड़ी संभाल जट्टा’ आंदोलन को याद किया गया। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सेक्टर-17 प्लाजा के अलावा शहर के गांवों में भी पगड़ी संभाल कार्यक्रम का आयोजन हुआ। प्लाजा में आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। इस दौरान प्लाजा पीले और केसरी रंग की पगड़ी से रंगा हुआ था। इस अवसर पर किसानों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने हाथों में किसानी झंडे ले रखे थे। उन्होंने केंद्र सरकार खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान नेताओं ने केंद्र से तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अजीत सिंह ‘पगड़ी संभाल जट्टा’ आंदोलन के सिरमौर नेता थे। वे किसानों के प्रेरणा स्रोत हैं। संघर्ष कर उन्होंने 1907 में अंग्रेजों से तीन कृषि कानूनों को वापस करवाया था। आज एक बार फिर वैसी ही चुनौती किसानों के सामने आई है, इसलिए उनके जन्म दिवस पर किसान आंदोलन को मजबूती देने के लिए पगड़ी संभाल जट्टा कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान पंजाबी अभिनेता दर्शन औलख ने प्लाजा में लोगों को पगड़ी बांटीं। उन्होंने मंच का संचालन भी किया। इस मौके पर प्रोफेसर मंजीत सिंह, डॉ. प्यारेलाल गर्ग, अभिनेता योगराज सिंह, पेंडू संघर्ष कमेटी चंडीगढ़ के महासचिव गुरप्रीत सिंह सोमल सहित अन्य ने लोगों को संबोधित किया।
विज्ञापन

2 of 6
- फोटो : अमर उजाला
कई लोग अपने बच्चों को पगड़ी बांधकर कार्यक्रम में लाए थे। डड्डूमाजरा में भी पगड़ी संभाल जट्टा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डॉ. प्यारे लाल गर्ग ने अजीत सिंह के संघर्ष के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1907 में अंग्रेज कृषि से संबंधित तीन कानून लाए थे। उस कानून को रद्द करवाने के लिए अजीत सिंह कई महीने जेल भी रहे थे। आंदोलन से घबराकर अंग्रेजों को कानून वापस लेना पड़ा था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भी तीन कानून लाई है। 
विज्ञापन

3 of 6
- फोटो : अमर उजाला
तीनों कानून उस समय के अनुसार मिलते जुलते हैं। उस वक्त वह आंदोलन नौ महीने से भी अधिक देर तक चला था और अंग्रेजों को तीनों कानून वापस लेने पड़े थे। किसानों का संघर्ष जारी रहेगा। केंद्र को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना ही होगा। इस मौके पर नौजवान किसान एकता के महासचिव प्रतीक मान, परमिंदर सिंह, गुरदियाल सिंह, हरजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में महिलाएं भी उपस्थित रहीं। 

4 of 6
लोगों को संबोधित करते योगराज सिंह। - फोटो : अमर उजाला
योगराज ने अपने संबोधन में उपस्थित लोगों में खूब जोश भरा। पंजाब की धरती पर उपजे आंदोलनों और जीत के बारे में भी बताया। उन्होंने लोगों को कहा कि जीत होगी। लड़ाई जारी रहेगी। पंजाब वीरों की धरती है। कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि अजीत सिंह हमारे प्रेरणास्रोत हैं। हमारी जीत होगी। 
विज्ञापन

किसान मोर्चों में गूंजे पगड़ी संभाल जट्टा के नारे

5 of 6
चंडीगढ़ में पगड़ी संभाल जट्टा आंदोलन को लोगों ने किया याद। - फोटो : अमर उजाला
बरनाला में मंगलवार को किसान संगठनों ने संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर पगड़ी संभाल जट्टा दिवस मनाया। किसान नेता बलवंत सिंह उपली, गुरदेव सिंह मांगेवाल, बाबू सिंह खुड्डीकलां, अमरजीत कौर, प्रेमपाल कौर, हरचरन सिंह चंना, गोरा सिंह ढिल्लवां ने कहा कि अब 27 फरवरी को दिल्ली मोर्चा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में महिलाओं को आमंत्रित किया गया है। बरनाला से बडे़ जत्थे रवाना किए जाएंगे। जिला प्रधान चमकौर सिंह नेणैवाल, महासचिव जरनैल सिंह बदरा की अगुवाई में किसानों ने मोमबत्तियां जलाईं और लोगों का मुंह मीठा करवाया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
चंडीगढ़ में पगड़ी संभाल जट्टा आंदोलन को लोगों ने किया याद। - फोटो : अमर उजाला
पटियाला : धरेड़ी जट्टां टोल प्लाजा पर किसानों ने दिया धरना
संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर मंगलवार को पटियाला-राजपुरा रोड पर गांव धरेड़ी जट्टां के पास टोल प्लाजा पर किसानों ने शहीद अजीत सिंह का जन्म दिवस मनाया। केंद्र के खिलाफ धरना देकर कृषि कानूनों को तुरंत रद्द करने की मांग की गई। भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी के जिला प्रधान रणजीत सवाजपुर ने कहा कि पगड़ी संभाल जट्टा लहर के नेता शहीद अजीत सिंह एक ऐसे इंसान थे जिन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ किसानों के हक में आवाज बुलंद की थी। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें