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सरस्वती नदी की खुदाई से फिर निकला सामान, अधिकारी हैरान

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हरियाणा के यमुनानगर जिले में सरस्वती नदी की खुदाई स्थल से फिर सामान निकला, जिसे देख अधिकारी हैरान हो गए। इसी साल 21 अप्रैल से यहां खुदाई जारी है। तस्वीरें।
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सरस्वती नदी की खुदाई से फिर निकला सामान, अधिकारी हैरान

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खुदाई के दौरान आम्बवाला गांव में पानी, चमकदार रेत के साथ-साथ सीप व मिट्टी के बर्तन के टुकड़े निकले हैं। प्रशासन का दावा है कि ये सीप और बर्तन के टुकड़े हजारों साल पुराने हैं। इसके बाद डीसी डॉ. एएसएस फूलिया, एडीसी डॉ. शालीन व बिलासपुर के एसडीएम गिरीश कुमार ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया।
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बिलासपुर खंड की पंचायत भील छप्पर के गांव आम्बवाला के पास सरस्वती नदी में लगभग 7 फुट की खुदाई के दौरान उत्तर-दक्षिण दिशा से तेज बहाव के साथ पानी निकला। इसमें चमकदार रेत, खनिज के मिश्रण के अलावा सीप व टूटे बर्तन के टुकड़े भी हैं। अधिकारियों की मानें तो ये सीप और बर्तन के टुकड़े हजारों साल पुराने हैं।

सरस्वती नदी की खुदाई से फिर निकला सामान, अधिकारी हैरान

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21 अप्रैल 2015 को जिला प्रशासन द्वारा नदी की खुदाई का कार्य रूहलाहेडी से शुरू किया गया था। आदिबद्री से पांच किलोमीटर की दूरी पर मुगलवाली गांव में सरस्वती नदी की खुदाई के दौरान जमीन से सात फुट नीचे पानी निकला था। नीली बजरी, चमकदार रेत और खनिज के मिश्रण वाला यह पानी नदियों में बहने वाले पानी के समान ही था।
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डीसी डॉ. एसएस फूलिया ने बताया कि सदियों से राजस्व रिकार्ड में सरस्वती नदी का अस्तित्व रहा है। यह नदी जिले के 47 गांवों से होकर बहती थी। इस रिकार्ड के आधार पर जिले में करीब 13 किलोमीटर लंबी नदी के बहाव क्षेत्र में खुदाई की जा रही है। 25 दिसंबर से पहले सरस्वती नदी की खुदाई का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
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आदिबद्री को सरस्वती नदी को उद्गम स्थल माना गया था। प्रदेश सरकार द्वारा इस क्षेत्र को एक बड़े टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। आम्बवाला में जमीन से निकले सीप और बर्तन के टुकड़ों की पुरात्व विभाग द्वारा जांच करवाई जाएगी ताकि यह पता चल सके कि ये कितने साल पुराने हैं।
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