विरोध जताने पहुंचीं महिलाएं।
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पांच साल से नहीं बनी दिव्यांग पेंशन
शकिला दिव्यांग है और उसके पिता की मौत हो चुकी है, भाई अलग रहते हैं और माता बुजुर्ग है। पांच साल तक वह समाज कल्याण विभाग के चक्कर लगाकर अब थक चुकी हैं। कोई सुनने को तैयार नहीं है। इसी प्रकार, दिव्यांग सूरजभान की कहानी है। 60 साल से ऊपर के हो चुके कैथल के राजेंद्र, धर्मबीर, राजबीर और रामेदेही की आज तक बुढ़ापा पेंशन नहीं मिली है। इसके अलावा, काफी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिनकी सालाना आय न के बराबर है लेकिन आय पांच लाख से अधिक दिखाकर पेंशन काट दी गई।