अमेरिका जाना चाहते हैं और एच1बी वीजा नहीं मिल रहा तो ये तरीका अपना लीजिए। इससे आपको दो बड़े फायदे एक साथ होंगे, यकीं नहीं तो यहां जानिए।
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दरअसल, यूएसए में एच-1बी वीजा के लिए लगातार प्रयास करने वालों के लिए अब ईबी-5 वीजा एक नया विकल्प लेकर आया है। ईबी-5 वीजा न सिर्फ ग्रीन कार्ड के लिए बेहतरीन है, बल्कि इसके माध्यम से 21 वर्ष से कम उम्र के युवाओं और उनकी पत्नियों तक को ग्रीन कार्ड मिल सकता है। ईबी 5 वीजा एक निवेश वीजा है, जिसे पांच लाख डालर के न्यूनतम निवेश पर हासिल किया जा सकता है।
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- फोटो : demo pic
अमेरिकन सलाहकार वॉघान डी किर्बी ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र अमेरिका का ईबी-5 निवेश वीज़ा प्रोग्राम 30 सितंबर, 2017 को समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस वीजा को हासिल करने के लिए सावधानी से आवेदन करना चाहिए। उन्होंने होटल जेडब्लू मेरियट में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि ईबी-5 निवेश वीज़ा प्रोग्राम के तहत आवेदक को यूएस में 5,00,000 डॉलर का न्यूनतम निवेश करने पर सशर्त ग्रीन कार्ड मिलता है।
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- फोटो : pti
इसके बाद आवेदक को अमेरिकी नागरिकों को 10 नौकरियां देनी पड़ती हैं। इसके बाद उनको स्थायी ग्रीन कार्ड मिल जाता है। वॉघान डी किर्बी ने कहा कि भारतीय नागरिकों के लिए ईबी-5 श्रेणी का प्रोसेसिंग टाइम सिर्फ 18 माह है। उन्होंने कहा कि यदि आप अमेरिका में कहीं भी यात्रा करते हैं, काम करते हैं और कहीं भी रहते हैं, तो ईबी-5 ग्रीन कार्ड आपके लिए सही विकल्प है।
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घूमने के लिए वीजा की जरुरत नहीं
वॉघान डी किर्बी ने कहा आवेदकों को सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके द्वारा प्रस्तावित परियोजना क्या वास्तव में प्रोजेक्ट की हकदार है और क्या आवश्यक नौकरियां वास्तव में क्रिएट की जा सकती हैं और क्या निवेशक भी डिफ़ॉल्ट से सुरक्षित है। पंकज जैन ने कहा कि अमेरिकी दूतावासों में ईबी-5 वीज़ा के लिए आवेदन करने वाले भारतीयों की संख्या हर साल बढ़ रही है।
चीन और वियतनाम के बाद अमेरिका में ईबी-5 वीज़ा के ज़रिए निवेश करने वाला भारत तीसरा सबसे बड़ा निवेशक है। अधिकांश आवेदक अपने बच्चों के लिए ईबी -5 वीज़ा सुरक्षित करना चाहते हैं ताकि वे अमेरिका में अध्ययन कर सकें और वहां बस सकें। ईबी -5 वीज़ा पर एक विश्वविद्यालय का छात्र चार साल की डिग्री पर 170,000 डॉलर से अधिक बचा सकते हैं। कई स्टार्ट-अप और उद्यमी भी अमेरिका में जा रहे हैं।