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इनकम टैक्स नहीं भर पाए तो डोंट वरी...ऑप्शन और भी हैं, ये रहा सबसे आसान तरीका

Sun, 17 Jun 2018 09:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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income tax
अगर आप इनकम टैक्स नहीं भर पाए हैं तो टेंशन न लें, ऑप्शन और भी हैं। एक आसान-सा तरीका भी है। रोहतक ब्रांच ऑफ एनआईआरसी ऑफ द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के अध्यक्ष आशीष गर्ग ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 का रिटर्न फाइल करने की देय तिथि अब 31 जुलाई 2018 है तो बेफिक्र होकर इस तारीख तक टैक्स भर दें।
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लेकिन अगर आपको भी समय पर इनकम टैक्स रिटर्न न भरने की आदत है तो इसे आप समय से सुधार सकते लें। हाल ही में चंडीगढ़ में जिला अदालत ने समय पर इनकम टैक्स न भरने वाले एक बिजनैसमेन को सजा सुनाई है। शिमला निवासी संजय कुमार सूद (54 वर्ष) को समय पर इनकम टैक्स रिटर्न न भरने पर  इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 276सीसी के तहत दोषी करार देते हुए तीन महीने कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 8 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
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क्योंकि आयकर विभाग ने इस समयसीमा तक रिटर्न फाइल न भरने वालों पर पेनाल्टी लगाने का निर्णय भी लिया है। ऐसे में अब आयकर रिटर्न फाइल करने में देरी डबल भारी पड़ सकती है। निर्धारण वर्ष 2018-19 से यह नियम लागू कर दिया गया है। आंकड़ों के अनुसार, 50 फीसदी से अधिक आयकर दाता देय तिथि से पहले रिटर्न फाइल नहीं करते हैं। इनमें भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जो रिटर्न फाइल करना टालते जाते हैं और दो-दो वर्ष के रिटर्न एक साथ फाइल करते है।

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31 जुलाई 2018 तक रिटर्न फाइल करने से चूकने पर 5000 रुपये का जुर्माना 31 दिसंबर 2018 तक देना होगा। इस दौरान भी रिटर्न फाइल नहीं करते हैं तो एक जनवरी से रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2019 के बीच रिटर्न फाइल करने पर 10 हजार रुपये जुर्माना भरना पड़ेगा। एक अप्रैल 2019 से वित्तीय वर्ष 2017-18 का रिटर्न फाइल नहीं कर पाएंगे। साथ ही विभाग के नोटिसों और जांच के दायरे में आ जाएंगे।
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इनकम टैक्स को ऑनलाइन भरने की प्रक्रिया को ई-फाइलिंग (e-Filing) कहा जाता है। यह सरल भी है, सुलभ भी। सभी संबंधित दस्तावेज यदि अपडेट हों और पास रखकर बैठें। कंप्यूटर से ई-फाइल करने में कोई झंझट नहीं होगा और समय भी बचेगा। आयकर विभाग की वेबसाइट है यह- incometaxindiaefiling.gov.in। सबसे पहले इस पर अकाउंट बनाना होगा।
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अकाउंट बनाने के लिए पैन नंबर और डेट ऑफ बर्थ चाहिए। आपका पैन नंबर (PAN) यूजर आईडी होगा। ई-फाइलिंग के दो तरीके हैं- पहला आप आयकर विभाग की वेबसाइट के डाउनलोड सेक्शन पर जाएं और आपके लिए अपेक्षित है, वह फॉर्म डाउनलोड करें। उसे अपने पीसी पर सेव कर लें और इसे सही तरीके से भर लें। generate XML पर क्लिक करें, फिर से वेबसाइट पर जाएं और upload XML पर क्लिक करें।
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income tax panel review
पर ध्यान रहे इसलिए लिए पहले आपको लॉग इन होना होगा। अपलोड XML के जरिए वह फॉर्म अपलोड करें, जो आपने भरा है और फिर सब्मिट पर क्लिक कर दें। दूसरा तरीका, e-file section पर जाइए, लॉग इन करिए। फॉर्म भरकर सब्मिट कर दें। फॉर्म चुनते समय यह सावधानी बरतें कि आपको जो फॉर्म चुनना (सेलेक्ट करना) है, वह आपकी सैलरी के मुताबिक हो।

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अायकर विभाग
इन्डिविजुअल (सैलरी), पेंशन इनकम, एक मकान (एक प्रॉपर्टी) से इनकम या अन्य आयस्रोतों से इनकम (लॉटरी के अतिरिक्त) के केस में फॉर्म ITR-1, जिसे 'सहज' भी कहा जाता है, सेलेक्ट करना होगा। पूंजीगत लाभ होने की दिशा में ITR-2 सेलेक्ट करना होगा। एक से अधिक घर होने की दिशा में ITR-2A चुनें, लेकिन इस केस में आपको कोई पूंजीगत लाभ (कैपिटल गेन) नहीं होना चाहिए। ITR-3,4,4S फॉर्म कारोबारियों और प्रफेशनल्स के लिए है।

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income tax - फोटो : income tax
रिटर्न फाइल करते समय ये दस्तावेज चाहिएं- पैन नंबर, फॉर्म 16, आपके खातों पर मिला संबंधित वित्तीय वर्ष का कुल ब्याज, टीडीएस (TDS) संबंधी डीटेल और सभी तरह के निवेशों संबंधी सबूत। होमलोन और इंश्योरेंस संबंधी डॉक्युमेंट्स। इनकम टैक्स की साइट से फॉर्म 26AS भी डाउनलोड कर सकते हैं जो आपकी टैक्स स्टेटमेंट शो करता है जो आपके द्वारा दिया जा चुका है। टैक्स रिटर्न वैलिडेट करने के लिए आप इस फॉर्म का सहारा ले सकते हैं।

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INCOME TAX - फोटो : SELF
एक नई बात, इस साल से एक नया नियम लागू हुआ है। यह उन लोगों के लिए है जिनकी सालाना आय 50 लाख रुपए से अधिक है। ऐसे करदाताओं को अपने फॉर्म में दिया गया एक अतिरिक्त कॉलम AL भरना होगा, इसमें उन्हें अपनी सभी संपत्तियों की वैल्यू और लायबिलिटीज के बारे में मांगी गई जानकारी भरनी होगी। एएल यानी असेट्स और लायबिलिटीज।

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यदि डिजिटल सिग्नेचर का इस्तेमाल करके रिटर्न सब्मिट किया गया है तो फॉर्म सब्मिट करते समय acknowledgement number यानी एक प्रकार की रसीद जेनरेट होगा। यदि बिना डिजिटल सिग्नेचर के सब्मिट हुआ है तो ITR-V जेनरेट होगा और यह आपके साइट पर रजिस्टर ईमेल आईडी पर पहुंच जाएगा। ITR-V एक प्रकार की रसीद ही है कि आपका रिटर्न सब्मिट हो गया।

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अब इस ITR-V को साइन करके बेंगलुरु कार्यालय (जहां आपका रिटर्न प्रोसेस होता है) भेज दें, 120 दिनों के भीतर यह संबंधित कार्यालय पहुंच जाना चाहिए ताकि टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया पूर्ण हो सके। यदि यह कागजात आप समय से बेंगलुरु कार्यालय नहीं पहुंचाएंगे तो रिटर्न की प्रक्रिया अधूरी ही मानी जाएगी, इसलिए इसकी अनदेखी न करें। बेंगलुरु कार्यालय का पता इसी फॉर्म के आखिर में लिखा हुआ है। उस पते पर पोस्ट कर दें।
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टैक्सपेयर्स वेबसाइट पर ई-वेरिफाई रिटर्न ऑप्शन पर जाकर ई- वेरिफाई भी कर सकते हैं। नेट बैंकिंग के जरिए भी आप वेरिफाई कर सकते हैं। यदि इस तरीके को अपनाते हैं तो बेंगलुरु ऑफिस में ITR-V भेजे बिना भी काम चल जाएगा।
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