35 लाख रुपये से भी अधिक का खर्च आएगा
यह विश्व का सबसे बड़ा रावण का पुतला है। यह यूनिक है। राणा तेजिंदर सिंह चौहान ने तो अपना सब कुछ रावण को समर्पित कर दिया है, इसलिए शिव पार्वती सेवादल ने निर्णय लिया कि इस कला को जीवित रखा जाए। पिछले वर्ष चौहान ने आर्थिक तंगी के कारण रावण का पुतला बनाने से मना कर दिया था। इसलिए शिव पार्वती सेवादल ने पूरा खर्च का भार उठाने का फैसला लिया। भगवान भोलेनाथ सब पूरा करेंगे। हमें उन पर पूरा भरोसा है। इस कार्य पर 35 लाख रुपये से भी अधिक का खर्च आएगा। - राजेंद्र सिंह सामंत, प्रधान, शिव पार्वती सेवादल चंडीगढ़