सुखना लेक पर डक ट्रेजडी जारी है। बतखें भूख और ठंड से मर रही हैं। उनका ऐसा दर्दनाक हाल देखकर आप भी रो पड़ेंगे।
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सुखना पर बतखों का दर्दनाक हाल, देख रो पड़ेंगे आप
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वाइल्ड लाइफ विभाग ने लेक पर बोर्ड लगा दिए हैं कि लोग बतखों को कुछ न खिलाएं। इसके लिए गार्ड भी तैनात कर दिए हैं। बतखों की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने के लिए कोई तैयार नहीं है।
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वाइल्ड लाइफ के अधिकारी प्रशासन के एनीमल हसबेंडरी विभाग को इसके लिए कदम उठाने के लिए कह रहे हैं। लगातार चौथे दिन शुक्रवार को चार और बतखों की मौत के साथ यह संख्या 16 पर पहुंच गई है।
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एक और बतख को गंभीर हालत में शुक्रवार सुबह सुखना झील से बाहर निकाला गया। उसके बचने की उम्मीद भी काफी कम बताई जाती है। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से इन बतखों को बचाने के लिए फिलहाल कोई इंतजाम भी नहीं किया गया है।
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वाइल्ड लाइफ के चीफ कंजर्वेटर संतोष कुमार का कहना है कि बतखों के रखरखाव की जिम्मेवारी चंडीगढ़ प्रशासन के एनिमल हसबेंडरी विभाग की है। बतखें बीमार होकर मर रही हैं, लेकिन किसी भी डाक्टर को तैनात नहीं किया गया है।
वाइल्ड लाइफ के कर्मचारी ही बीमार बतखों को लेक से निकालकर लाते हैं। यदि उसी दौरान उन्हें इलाज मिल जाए तो उनकी जान बचाई जा सकती है, लेकिन ऐसा फिलहाल नहीं हो रहा है। वाइल्ड लाइफ के अधिकारियों ने शुक्रवार को एनिमल हसबेंडरी को लेटर लिखकर तुरंत डाक्टर को नियुक्त करने की अपील की है।