फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

PGI में मौत, भड़के परिजनों ने की तोड़फोड़, भगदड़

Tue, 21 Jul 2015 02:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
विज्ञापन
1 of 6
हमेशा विवादों के कारण चर्चा में रहने वाले रोहतक पीजीआई में बच्चे की मौत से गुस्साए परिजनों ने जमकर बवाल काटा। देखिए, पूरा मामला।
विज्ञापन

PGI में मौत, भड़के परिजनों ने की तोड़फोड़, भगदड़

2 of 6
मृतक नवजात के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि अस्पताल प्रबंधन का कहना था कि बच्चा मरा हुआ ही पैदा हुआ था। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के तर्क को झूठा करार देते हुए नवजात को जिंदा बताया और लापरवाही से मौत होने का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया।
विज्ञापन

PGI में मौत, भड़के परिजनों ने की तोड़फोड़, भगदड़

3 of 6
स्थिति यहां तक बिगड़ी की नाराज लोगों ने अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ भी कर डाली। लोगों को समझाने के प्रयास जब नाकामयाब हो गए तब पुलिस बुलाई गई। पुलिस ने लोगों को शांत कराया और पीड़ित पक्ष और अस्पताल प्रबंधन के बीच वार्ता के प्रयास किए। अब पीजीआई प्रशासन परिजनों को मनाने में जुटा हुआ है।

PGI में मौत, भड़के परिजनों ने की तोड़फोड़, भगदड़

4 of 6
गुड़गांव जिले के फारूखनगर निवासी सुनील ने बताया कि पत्नी ज्योति को प्रसव पीड़ा होते ही पीजीआई रोहतक लाया था। सोमवार को ज्योति ने बच्चा जन्मा। सुनील का आरोप था कि डाक्टरों ने बच्चा मरा पैदा हुए बोल उन्हें सौंप दिया, लेकिन बच्चा जिंदा था। अगर डाक्टर जिम्मेदारी निभाते तो बच्चा जिंदा होता।
विज्ञापन

PGI में मौत, भड़के परिजनों ने की तोड़फोड़, भगदड़

5 of 6
परिजनों ने बताया कि जिस समय बच्चे को सौंपा गया उसकी अवरनाल में स्टील का क्लैंप लगा हुआ था। साथ ही शरीर पर कैंची के निशान भी थे। जब बच्चा दिया उस वक्त उसकी धड़कन चल रही थी। बच्चा जिंदा है यह बात स्टाफ को बताई और दोबारा डॉक्टरों दिखाने के लिए अंदर जाने लगे। लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। सुरक्षाकर्मियों ने डॉक्टरों की व्यस्तता को हवाला देकर बाहर ही रोक दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

PGI में मौत, भड़के परिजनों ने की तोड़फोड़, भगदड़

6 of 6
परिजनों और लोगों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जच्चा बच्चा वार्ड के बाहर तोड़फोड़ शुरू कर दी। लोगों के सामने जो चीज आई उसे तोड़ दिया गया। गेट के सारे शीशे तोड़ दिए गए। गमले आदि भी उठा कर फेंक दिए गए। ऐसे में वहां मौजूद अन्य मरीजों के परिजनों में अफरातफरी मच गई और लोग इधर उधर भागने लगे। सुरक्षाकर्मियों ने लोगों को रोकने कोशिश की लेकिन उनकी यह कोशिश भी नाकामयाब रही।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें