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ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी से जुड़ी ये नई व्यवस्था देखिए, दूर हो जाएगी टेंशन...नहीं कटेगा चालान

Sun, 09 Sep 2018 01:55 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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ट्रैफिक चालान - फोटो : demo pics
ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी से जुड़ी इस नई व्यवस्था के बारे में जानते हैं क्या, इससे आपकी सारी टेंशन दूर हो जाएगी। न ही कोई चालान काट पाएगा, देखिए बड़े की है।

 
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traffic police challan
नई व्यवस्था के तहत अब ट्रेन में सफर करते समय आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस की हार्ड कॉपी साथ रखने की जरूरत नहीं होगी। डिजिटल दस्तावेज मान्य कर दिए गए हैं। ऐसे में लोग अब आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस की सॉफ्ट कॉपी टीसी को दिखा सकेंगे। वह पूरी तरह वैध होगी और कोई इसे मानने से इंकार नहीं कर सकता।
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traffic challan
अभी ये दस्तावेज मान्य हैं
अभी फोटोयुक्त वोटर कार्ड, पासपोर्ट, पैनकार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, केंद्र व राज्य सरकार द्वारा जारी फोटोयुक्त आईडी, मान्यता प्राप्त स्कूल-कॉलेज के पहचान पत्र, राष्ट्रीयकृत बैंक की पासबुक, क्रेडिट कार्ड, आधार, एम आधार और ई-आधार कार्ड आदि फोटो पहचान प्रमाण माने जाते हैं।

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traffic police
सरकार ने किसी भी काम के लिए लाइसेंस या अन्य दस्तावेजों की हार्डकॉपी साथ रखने या साथ ले जाने की अनिवार्यता खत्म कर दी है। अब आपको एक डिजिलॉकर खोलना होगा। यह स्कीम लॉन्च कर दी गई है और इसमें आप अपने सभी दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी रख सकते हैं। डिजिलॉकर से लोगों को दो फायदे होंगे, एक तो दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे। दूसरा ये कि कहीं भी जरूरत पड़े, लॉकर खोलकर यूज कर सकेंगे।
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demo pic
डिजिटल लॉकर यानी डिजिलॉकर प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना डिजिटल इंडिया का एक अहम हिस्सा है। डिजिटल लॉकर का उद्देश्य जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र जैसे अहम दस्तावेजों को ऑनलाइन स्टोर करके भौतिक दस्तावेजों के उपयोग को कम करना और एजेंसियों के बीच में ई-दस्तावेजों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। लॉकर में सेव सॉफ्ट कॉपी पूरी तरह मान्य होगी, कोई इसे मानने से इंकार नहीं कर सकता।
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traffic police
डिजिटल लॉकर में ई-साइन की सुविधा भी है जिसका उपयोग डिजिटल रूप से हस्ताक्षर करने के लिए किया जा सकता है। पिछले महीने आए आंकड़ों के मुताबिक, पीएम मोदी की सरकार द्वारा लगभग सालभर पहले शुरू की गई डिजिलॉकर (DigiLocker) सर्विस में 78 लाख से अधिक लोग रजिस्टर कर चुके हैं। आपको भी इसका लाभ लेना चाहिए। इसे बनाने की प्रक्रिया भी जटिल नहीं है। 
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traffic police - फोटो : अमर उजाला
डिजिटल लॉकर बनाने के लिए आपको https://digitallocker.gov.in पर अपना अकाउंट बनाना होगा। इसके लिए आपको अपने आधार कार्ड नंबर की जरूरत होगी। आधार कार्ड इसलिए जरूरी है, ताकि फर्जीवाडे से बचा जा सके। साइट पर साइनअप करने के लिए आधार नंबर मांगा जाएगा और दो विकल्प यूजर वैरिफिकेशन के लिए उपलब्ध होगें। पहला ओटीपी यानी वन टाइम पासवर्ड जिसपर क्लिक करते ही आपको आधार कार्ड में दिए गए मोबाइल नंबर पर ये पासवर्ड आ जाएगा।

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traffic police
यदि आप दूसरा विकल्प यानी अंगूठे का निशान चुनते हैं तो एक पेज खुलेगा जहां आपको उंगलियों के निशान पर अपने अंगूठे का निशान लगाना होगा। अगर निशान वैध है तभी यूजर का वैरिफिकेशन हो पाएगा और इसके बाद आप अपना यूजर नेम और पासवर्ड क्रिएट कर पाएंगे। लॉकर में pdf, jpg, jpeg, png, bmp और gif फॉरमेट की फाइलें सेव की जा सकती हैं। अपलोड की जाने वाली फाइल का साइज 1 एमबी से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
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traffic police - फोटो : Amar Ujala
फिलहाल प्रत्येक यूजर को 10 एमबी का स्पेस मिलेगा, जिसे बाद में बढ़ाकर 1 जीबी किया जाना प्रस्तावित है। इससे ऑनलाइन दस्तावेजों की प्रामाणिकता सुनिश्चित होगी।
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