जेल से जाने के बाद राम रहीम की हनीप्रीत को आखिरी बार देखा गया था, तीन आदमियों के साथ। उसके बाद वो कहां गई, यह सवाल अभी तक सिरदर्दी बना हुआ है।
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Honeypreet Insan
लुकआउट नोटिस के बाद हनीप्रीत की खाक छान रही हरियाणा पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लग पाया है। गुरुग्राम समेत कई शहरों में छापामारी का भी कोई ठोस नतीजा निकलकर सामने नहीं आया है। यह आशंकाएं भी लगातार जोर पकड़ रही हैं कि हनीप्रीत नेपाल भाग गई है। इसके लिए बिहार के रक्सौल में भी छापेमारी की गई। बहरहाल अभी उसे पकड़ना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।
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डेरा प्रमुख को दोषी करार दिए जाने के बाद अदालत के बाहर की एक वीडियो में हनीप्रीत ने किसी को भाई के नाम से बुलाया था। उसी दिन एक सुरक्षा कर्मी ने भी हनीप्रीत को दीदी के नाम से पुकारा था। इसी घटना के दौरान आरोपी सुरक्षा कर्मियों ने कहा था पिता जी को जाने नहीं देंगे। आखिरकार, डेरा प्रमुख को फरार कराने की साजिश के तहत तो कहीं ऐसा नहीं हो रहा था कि सभी एक दूसरे को रिश्तेदारों की संज्ञा देते हुए पुकार रहे थे।
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हनीप्रीत, राम रहीम, लुक आउट नोटिस
- फोटो : self
बीएस संधू, डीजीपी, हरियाणा पुलिस ने बताया कि पुलिस इस मामले से जुड़े तमाम पहलुओं की भी छानबीन कर रही है कि यह भी कोई कोडवर्ड तो नहीं था। पुलिस लगातार हनीप्रीत की तलाश में जुटी है। इसके लिए अन्य राज्यों और दूसरे देशों को भी अलर्ट किया गया है। दूसरी तरफ यदि यह भी बताया जा रहा है कि हनीप्रीत रोहतक में ही छिपी हो सकती है। यहां भी डेरा प्रमुख के हजारों की संख्या में अनुयायी है।
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प्रियंका तनेजा ऐसे बनी राम रहीम की हनीप्रीत
डीजीपी ने बताया कि राम रहीम के जेल आने के बाद हनीप्रीत को जेल से वापस भेज दिया गया था। फिर चर्चा हुई थी कि जेल से आने के बाद हनीप्रीत आर्य नगर में एक डेरा प्रेमी के घर पर रुकी थी। हालांकि अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। यह भी बताया जा रहा है कि पुलिस ने हनीप्रीत के मोबाइल की लोकेशन भी खंगाली है। उसके मोबाइल की अंतिम लोकेशन दिल्ली के नजफगढ़ में मिली है। इसके बाद से ही उसका मोबाइल नंबर बंद है।
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पंचकूला से चॉपर में बैठ गुरमीत के साथ रोहतक की सुनारिया जेल पहुंची हनीप्रीत 25 अगस्त को रात लगभग दस बजे जेल से तीन डेरा प्रेमियों रोहतक के साथ गई थी। रोहतक के आर्य नगर निवासी संजय चावला, हिसार निवासी वेद प्रकाश और झज्जर से जितेंद्र कुमार अपनी जिम्मेवारी पर उसे साथ ले गए थे। हनीप्रीत ने लिखित में जेल प्रशासन को दिया था कि मै हनीप्रीत इसां पुत्री गुरमीत राम रहीम सही सलामत हूं और विकास निवासी 3/783 फतेहाबाद के साथ जा रही हूं।
डेरा प्रेमी संजय चावला, वेद प्रकाश और जितेंद्र ने भी उसी पत्र पर लिख कर दिया था कि हम उपरोक्त व्यक्ति बाबा राम रहीम की पुत्री हनीप्रीत इसां को अपने साथ सही सलामत अपनी जिम्मेवारी और हनीप्रीत की मर्जी से लेकर जा रहे हैं। उन्हें उनके घर पहुंचाने की जिम्मेवारी हमारी है। उसके बाद से हनीप्रीत कहां है, इसका भी कोई सुराग नहीं है। संजय चावला भी इस बारे में कुछ बता नहीं पा रहे हैं।