राम रहीम की 'लाड़ली' हनीप्रीत को दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत नहीं दी, लेकिन उसने अपनी मुश्किलें और बढ़ा ली हैं। अब हनीप्रीत के पास सिर्फ दो ही रास्ते बचे हैं।
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हनीप्रीत
या तो वह सरेंडर कर दे या पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में अपील करे। क्योंकि दिल्ली हाईकोर्ट ने हनीप्रीत की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए जो टिप्पणियां की हैं, उससे लगता है कि हनीप्रीत के लिए हालात बहुत मुश्किल हैं। हरियाणा सरकार और पुलिस के लिए भी उसे पकड़ना चुनौती बना हुआ है, लेकिन अरेस्ट वारंट के साथ उसे तलाशने में कोई कसर भी नहीं छोड़ रही। पुलिस पिछले एक महीने से हरियाणा से लेकर नेपाल की खाक छान चुकी है।
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honeypreet
अब हनीप्रीत ने दिल्ली हाईकोर्ट में जेल से बचने के लिए अपील की, लेकिन खुद सामने नहीं आई। इससे यह तो साफ होता है कि हनीप्रीत दिल्ली में है, लेकिन कहां इसका सुराग अभी तक नहीं मिल पाया है। हालांकि पुलिस ने कल दिल्ली में कई जगह छापे मारे, लेकिन वह चकमा दे गई। पुलिस को लगता है कि हनीप्रीत के साथ आदित्य इंसा और पवन इंसा भी हो सकते हैं। वहीं इस मामले में हरियाणा सरकार भी घिरती नजर आ रही है।
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राम रहीम की हनीप्रीत
देशद्रोह और हिंसा भड़काने के आरोप
हरियाणा पुलिस ने 25 अगस्त, 2017 को राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के बाद हरियाणा और पंजाब में हिंसा भड़काने के अलावा उस पर देशद्रोह का भी केस दर्ज किया गया है। इस हिंसा में 41 लोग मारे गए थे। पुलिस को उसके अलावा 42 अन्य लोगों की भी इस मामले में तलाश है। राम रहीम को सजा सुनाए जाने के दिन तक उसके साथ साए की तरह रहने वाली 36 वर्षीय प्रियंका तनेता उर्फ हनीप्रीत उसके बाद से गायब है।
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राम रहीम की हनीप्रीत
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, दिल्ली की निवासी नहीं है याची
दिल्ली हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत को राहत देने से इनकार करते हुए उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। मंगलवार को यह फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि वह दिल्ली की निवासी नहीं है। लिहाजा, इस अदालत को उसकी याचिका पर सुनवाई का अधिकार नहीं है। हालांकि अदालत को फैसला 4 बजे सुनाना था, लेकिन फैसला रात 8 बजे आया।
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‘हनीप्रीत’ इंसा
- फोटो : self
जैसे दिल्ली में अपील की, पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में करे
जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल ने अपने फैसले में कहा कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों से स्पष्ट है कि देशद्रोह और हिंसा भड़काने की आरोपी हनीप्रीत ने दिल्ली में राहत पाने के लिए एक झूठा पता बनाया और जमानत याचिका दाखिल कर दी। दिल्ली में याचिका दायर करने से यह भी स्पष्ट है कि वह बेवजह समय नष्ट करना चाहती है। उसने जैसे दिल्ली की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है, वैसे ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष भी आवेदन पेश कर सकती थी।
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Ram Rahim With Honeypreet Insan
मामला हरियाणा से जुड़ा है तो वहीं पर सहयोग मांगे
अदालत ने दलील पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामला हरियाणा से संबंधित है, तो आप वहीं जाकर क्यों नहीं आवेदन दायर करते। अगर याची कानून का पालन कर रही है, तो क्यों उससे भाग रही है। उसे जांच में शामिल होना चाहिए। अदालत ने कहा आप तीन सप्ताह के लिए अग्रिम जमानत मांग रहे है। चंडीगढ़ मात्र पांच घंटे का रास्ता है। आप वहां जा सकते है। अदालत ने याची के उस तर्क को भी खारिज कर दिया कि उसे चंडीगढ़ जाने के लिए संरक्षण प्रदान किया जाए।
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Honeypreet Insan
हनीप्रीत ने याचिका में बताया जान का खतरा
हनीप्रीत के अधिवक्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट में दलील दी कि चंडीगढ़ का माहौल खराब है और कानून-व्यवस्था ठीक नहीं है। स्वयं हरियाणा के डीजी भी अपने बयान में इस तथ्य की पुष्टि कर चुके है। इससे स्पष्ट है कि उनकी मुवक्किल की जान को खतरा है, अधिवक्ता ने कहा हम जांच में सहयोग करना चाहते है और हमें गिरफ्तारी का अंदेशा है। आप अग्रिम जमानत मंजूर कर दें, तो हम चंडीगढ़ में जमानत के लिए आवेदन दायर करने के अलावा जांच में शामिल होना चाहते है।
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Ram Rahim With Honeypreet Insan
हनीप्रीत के वकील ने याचिका में ये दलील दी
हनीप्रीत के दिल्ली निवासी नहीं होने के सवाल पर उसके अधिवक्ता ने कहा उनकी मुवक्किल का ग्रेटर कैलाश पार्ट टू में घर है और इस आधार पर वह दिल्ली में जमानत के लिए आवेदन दायर कर सकती है। इसके अलावा गिरफ्तारी का अंदेशा होने पर कोई भी व्यक्ति देश भर में कहीं भी हाईकोर्ट में आवेदन दायर कर सकता है। हम समर्पण के लिए नहीं, बल्कि जांच में सहयोग करने के लिए अग्रिम जमानत मांग रहे है।
Ram Rahim With Honeypreet Insan
- फोटो : File Photo
पुलिस के वकील ने ये दलील दी
हरियाणा पुलिस व दिल्ली पुलिस के अधिवक्ताओं ने सुनवाई पर आपत्ति करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति की देश भर में 10 संपत्तियां है तो उसे हर राज्य में जमानत पाने का अधिकार नहीं मिल जाता। इस मामले में हरियाणा में मामला दर्ज है और वहीं जांच चल रही है। याची पर गंभीर आरोप है। इस मामले में कई आरोपी गिरफ्तार है और याची को विशेष सुविधा नहीं दी जा सकती। ऐसे में जमानत आवेदन खारिज किया जाए।