एक सीरियल देखकर कोई इतनी खतरनाक साजिश रच सकता है, यह कोई भी सोच भी नहीं सकता। देखिए क्या हुआ?
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बीमा के साढ़े तीन करोड़ लेने के लिए खुद की हत्या की साजिश रची
घटना हरियाणा के कैथल की है। जहां करीब एक माह पहले सीवन के निकट गांव कक्योर माजरा के जंगल में जली कार और उसमें शव मिलने के मामले का पटाक्षेप करते हुए पुलिस ने सोमवार शाम एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि उसने अपनी 3 करोड़ 25 लाख रुपये की विभिन्न बीमा पॉलिसियों का क्लेम लेने के लिए अपनी ही गाड़ी में एक युवक की हत्या की और शव को कार सहित जला दिया था।
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बीमा के साढ़े तीन करोड़ लेने के लिए खुद की हत्या की साजिश रची
मौके पर उसने ऐसे सबूत छोड़े ताकि उसे मृत मानकर बीमा कंपनियां क्लेम जारी कर दे। वारदात के बाद से वह साधू के वेश में राजस्थान के कई शहरों में घूमता रहा। आरोपी को पांच दिन के रिमांड लिया गया है।
एसपी सुमेर प्रताप सिंह ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि कलायत के गांव दुब्बल निवासी आरोपी बलजीत ने कबूल किया है कि उसने फिल्म व टीवी सीरियल से दुष्प्रेरित होकर अपनी ही हत्या की साजिश रची और अपने साथी संदीप को जंगल में ले जाकर अपनी कार में गोली मार कर हत्या कर दी। मौके पर ऐसे सबूत छोड़कर फरार हो गया, जिससे लगे कि शव उसी का है। पुलिस ने आधार कार्ड के आधार पर मिले सुराग के बाद उसे काबू कर लिया।
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बीमा के साढ़े तीन करोड़ लेने के लिए खुद की हत्या की साजिश रची
यूं रची साजिश
पूछताछ में बलजीत ने कबूल किया कि उसने अपनी अलग-अलग बैंकों, बीमा कंपनियों में करवाई गई 3 करोड़ 25 लाख रुपये की बीमा पॉलिसियों का क्लेम लेने के लिए टीवी चैनल लाइफ ओके के सीरियल और अजनबी फिल्म से प्रेरित होकर अपने साथी दुब्बल गांव के ही संदीप उर्फ मिड्डी की हत्या की साजिश रची। संदीप को झांसा देकर दिल्ली की एक पार्टी के नोट बदलने के लिए जंगल में बुलाया।
संदीप को अपनी कार में बैठाकर ले गया और जंगल में ले जाकर उसके सिर में तीन गोली मार कर हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपनी कमीज गाड़ी में ही डालकर जला दी। नजदीक ही अपनी गाड़ी की टूटी हुई नंबर प्लेट रख दी, ताकि उसकी गाड़ी की पहचान के आधार पर शव की शनाख्त बलजीत के रूप में हो सके।
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छुपने के लिए साधू वेश धरा
बलजीत कुछ साल भूमिगत रहकर बीमा पॉलिसियों का क्लेम लेना चाहता था। इसके लिए वह राजस्थान के चूरू व अजमेर में साधू बनकर रहा। पिछले दिनों चूरू के राजगढ़ में एक होटल में उसने अपने आधार कार्ड को आईडी के तौर पर पेश किया। इसकी सूचना कैथल सीआईए को मिल गई। पुलिस ने तस्दीक के बाद पाया कि बलजीद अभी जिंदा है और तभी से उसकी तलाश में जुटी थी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर तीन जिंदा कारतूस और 32 बोर का कट्टा घटनास्थल के नजदीक झाड़ियों से बरामद कर लिया है।
बीमा के साढ़े तीन करोड़ लेने के लिए खुद की हत्या की साजिश रची
क्या था मामला
पुलिस ने गत 24 नवंबर को एक साधू की सूचना पर कक्योर माजरा के निकट जंगल से जली कार बरामद की थी। कार में एक व्यक्ति का शव मिला था। कार व मौके पर मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मान लिया कि शव बलजीत का है। एसपी ने मामले की जांच के लिए सीआईए-2 इंचार्ज इंस्पेक्टर विमल के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई। टीम ने 26 दिसंबर की शाम बलजीत को जींद के थाना जुलाना के गांव झमौला से गिरफ्तार कर लिया।