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'काले' तेल का 'सफेद' खेल, एक गाड़ी से लाखों की कमाई, तरीका चौंकाने वाला

Sun, 14 Aug 2016 10:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
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पानीपत की फैकट्री में मोबिल ऑयल बनाने वाला गिरोह काबू - फोटो : अमर उजाला
'काले' तेल का 'सफेद' खेल देखिए, मात्र 40 हजार लगाते थे और एक गाड़ी से लाखों रुपये कमाते थे। कैसे और क्या था तरीका, जानकर आप चौंक जाएंगे।
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पानीपत की फैकट्री में मोबिल ऑयल बनाने वाला गिरोह काबू - फोटो : अमर उजाला
मामला हरियाणा के पानीपत का है। कम समय में ज्यादा कमाई करने के लालच में अवैध तरीके से नकली मोबिल ऑयल और तारकोल बनाने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया। ये भारी मात्रा में तारकोल बनाकर दिल्ली में सप्लाई करते थे। सीआईए वन ने पानीपत रिफाइनरी के नजदीक स्थित गांव रेरकलां के पास देर रात इस फैक्ट्री में छापेमारी की। छापा पड़ते ही माफिया समेत करीब आधा दर्जन लोग भाग निकले। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन चालकों समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
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पानीपत की फैकट्री में मोबिल ऑयल बनाने वाला गिरोह काबू - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने यहां से करीब 60 लाख रुपये कीमत का माल बरामद किया है। करीब दस घंटे तक चली कार्रवाई में मोबिल ऑयल के दो टैंकर, केमिकल के 300 ड्रम मिले, जिसमें से 25 ड्रम भरे हुए थे, जिसमें एक ड्रम में 100 किलोग्राम तारकोल और तेल था, 10 कट्टे चूने के और एक खाली टैंकर जब्त किया है। पुलिस ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सहयोग से सभी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। मामले में थाना मतलौडा पुलिस ने केस दर्ज किया गया है।

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पानीपत की फैकट्री में मोबिल ऑयल बनाने वाला गिरोह काबू - फोटो : अमर उजाला
सीआईए-वन प्रभारी इंस्पेक्टर अजय मोर ने शुक्रवार देर रात प्रेस कांफ्रेंस करके बताया कि रात करीब डेढ़ बजे जानकारी मिली कि रेरकलां में फ्रेंड्स केमिकल नाम से चल रही फैक्ट्री में नकली तारकोल बनाने का काम चल रहा है। सूचना ​मिलते ही छापेमारी के लिए टीम गठित की गई और तैयारी के साथ छापेमारी करने पहुंचे। फूड एंड सप्लाई इंस्पेक्टर रविन्द्र को भी इसकी सूचना दी गई। खबर ​मिलते ही वे मौके पर पहुंचें और वहां मिले सामान के दो-दो सैंपल लिए। जिसमें से एक-एक सैंपल मधुबन लैब में जांच के लिए भेज दिया।
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पानीपत की फैकट्री में मोबिल ऑयल बनाने वाला गिरोह काबू - फोटो : अमर उजाला
पुराना आयल करते थे इक्ट्‌ठाः पुलिस की पूछताछ में फैक्ट्री के कर्मचारियों के हेड सोताब ने बताया कि वो पुराने बाइक ऑयल से यह काम करते थे। बाइक और अन्य वाहन रिपेयरिंग की दुकानों से पुराना ऑयल इक्ट्ठा करवाते थे। जिसमें केमिकल का पाउच मिला कर इससे न्य मोबिल ऑयल बना देते थे। इसमें भी कई क्वालिटी बनाते थे। 65 से 75 डिग्री पर, 80 डिग्री पर और 95 डिग्री पर इससे तीन क्वालिटी का तेल बनाया जाता था। बाकी बचे पुराने तेल और केमिकल से नकली तारकोल बनाते थे। जबकि फैक्ट्री में केवल 65 से 70 डिग्री पर केवल तारकोल बनाने का लाइसेंस है। बाकी सभी काम अवैध तरीके से किए जा रहे थे।
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पानीपत की फैकट्री में मोबिल ऑयल बनाने वाला गिरोह काबू - फोटो : अमर उजाला
कुछ दिन पहले किया काम शुरूः आरोपी तेल बनाकर गाड़ियों में दिल्ली सप्लाई करते थे। जहां से इस मुगलेल को पैकेटों में पैक करके होल सेल पर बेचा जाता था। तारकोल को सड़क बनाने आदि के काम के लिए दिया जाता था। एक दिन में 4 से 5 गाड़ी दिल्ली सप्लाई की जाती थी। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि कुछ दिन पहले ही उन्होंने यह काम शुरू किया था।
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पानीपत की फैकट्री में मोबिल ऑयल बनाने वाला गिरोह काबू - फोटो : अमर उजाला
एक टैंकर पर एक लाख की बचतः पुलिस के अनुसार आरोपी फैक्टरी में मोबिल ऑयल और कोलतार तैयार करते थे। प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपियों के दिल्ली और आसपास के बड़े-बड़े माफिया से संबंध है। वे मोबिल ऑयल और कोलतार उनको ही सप्लाई करते हैं। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि एक टैंकर मोबिल ऑयल बनाने में करीब 40 हजार रुपये खर्च आता था। सारे खर्च काटकर उन्हें एक टैंकर पर करीब एक लाख रुपये बच जाते थे।

ऐसे बनाते थे मोबिल ऑयलः फैक्टरी मैनेजर शोहताब ने पुलिस को बताया कि वे गाड़ियों और मोटरसाइकिलों से निकलने वाले खराब मोबिल ऑयल को खरीद लेते थे। वे फैक्टरी में इसका स्टोर करते थे। वे इसके एक ड्रम में एक पाउच मिला देते थे और रिफाइंड कर देते थे। इससे उसमें चिकनाहट बन जाती थी। इसके बाद इसे टैंकर में भरकर दिल्ली भेज दिया जाता था। दिल्ली के माफिया मोबिल ऑयल को पाउच में पैक कर मार्केट में सप्लाई कर देते थे।

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पानीपत की फैकट्री में मोबिल ऑयल बनाने वाला गिरोह काबू - फोटो : अमर उजाला
ऐसे बनाते थे नकली कोलतार: मैनेजर के अनुसार कोलतार की सबसे उत्तम क्वालिटी 95 प्रतिशत रेशों वाला होता है। वे इसमें चूना मिला देते थे। इससे गुणवत्ता कम हो जाती थी, लेकिन वेट उतना ही बन जाता था। वे मिलावट करते समय हर पहलू का ध्यान रखते थे। पुलिस के अनुसार फैक्टरी मालिक और पकड़े गए कई आरोपियों पर पहले भी यह धंधा करने के आरोप में कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने 2004 और 2010 में मतलौडा थाना में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस माफिया की पहले से ही तलाश में है। ये सब मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं।

 
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पानीपत की फैकट्री में मोबिल ऑयल बनाने वाला गिरोह काबू - फोटो : अमर उजाला
सीआईए वन ने रेरकलां गांव में फ्रेंड्स केमिकल नाम से फैक्टरी पकड़ी है। इसमें नकली मोबिल ऑयल और कोलतार बनाया जाता था। प्राथमिक जांच में नकली तेल और कोलतार को दिल्ली सप्लाई करने की बात सामने आई है। पुलिस ने फैक्टरी मैनेजर समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। फैक्टरी मालिक और अन्य कई लोग पकड़ से बाहर हैं। पुलिस जल्द ही बाकी आरोपियों को भी काबू कर लेगी।
- अजय मोर, प्रभारी, सीआईए, पानीपत
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