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विदेश में पढ़ रहे बेटे की मौत के गम में परिवार के सभी तीन सदस्यों ने की खुदकुशी

Sun, 11 Sep 2016 10:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बहादुरगढ़(हरियाणा)
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विदेश में बेटे की मौत के बाद परिवार के तीन सदस्यों ने जान दी - फोटो : अमर उजाला
विदेश में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे इकलौते बेटे की मौत से दुखी एक परिवार के सभी तीन सदस्यों ने जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी कर ली।
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विदेश में बेटे की मौत के बाद परिवार के तीन सदस्यों ने जान दी - फोटो : अमर उजाला
घटना, बहादुरगढ़ के गांव खेड़ा डाबर में हुई। मरने वालों में पति-पत्नी और उनकी बेटी शामिल है। खेड़ा डाबर में भगवान दास (50), उनकी पत्नी शारदा (48) और बेटी सरिता (20) ने अपने घर में जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में मातम छा गया। पड़ोसियों ने बताया कि परिवार का बेटा कुलदीप रूस में पढ़ाई कर रहा था, जिसकी कुछ दिन रूस में ही पहले हार्टअटैक से मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरा परिवार डिप्रेशन में था।
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विदेश में बेटे की मौत के बाद परिवार के तीन सदस्यों ने जान दी - फोटो : अमर उजाला
बेटे की मौत के गम में कुलदीप की मां, पिता व बहन ने इतना बड़ा कदम उठा लिया। उनके घर से पुलिस को सात पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें इन लोगों ने अपनी मौत के लिए कई लोगों का नाम बताया है। सुसाइड नोट में लिखा है कि उन्होंने 2014 में उनके बेटे कुलदीप का मेडिकल में एडमिशन करवाने के नाम पर 35 लाख रुपये दिए थे। पैसे लेने वाले ने न तो एडमिशन करवाया और न ही पूरे रुपये वापस दिए।

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विदेश में बेटे की मौत के बाद परिवार के तीन सदस्यों ने जान दी - फोटो : अमर उजाला
अस्पताल में हुई शारदा की मौत: जाफरपुर पुलिस को सुबह लगभग 7:16 पर सुसाइड की जानकारी मिली। इसके बाद गांव पहुंच कर पुलिस ने तीनों को अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने भगवान दास और उनकी बेटी सरिता को मृत घोषित कर दिया। शारदा को नजफगढ़ के प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था जहां इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। नजफगढ़ के विकास हॉस्पिटल के प्रवक्ता ने शारदा की मौत की भी पुष्टि की।
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विदेश में बेटे की मौत के बाद परिवार के तीन सदस्यों ने जान दी - फोटो : अमर उजाला
तीस लाख व पांच लाख दिए थे नकद: सात पेज में लिखे इस सुसाइड नोट के हर एक पेज पर भगवान दास के हस्ताक्षर हैं। उन्होंने नोएडा के आलोक सिन्हा, नदीम और रोहिणी व बुराड़ी के कुछ दफ्तरों का जिक्र किया है जिन्होंने वर्ष 2014 में उनके बेटे कुलदीप का मेडिकल में एडमिशन करवाने के नाम पर 30 लाख रुपये नकद और 5 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट लिया था। लेकिन 2015 तक इंतजार करने के बाद भी न तो एडमिशन हुआ और न ही पैसे वापस दिए गए।
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रूस में प्रथम वर्ष में टॉप किया था बेटे ने: वर्ष 2015 में कुलदीप ने खुद प्रयास करके रशिया में एडमिशन ले लिया और 94 फीसद अंक लेकर पहले साल में कॉलेज टाप भी किया था। इस बार छुट्टियों में जब वह घर आया था तब उसने इन लोगों से अपने पैसे वापस मांगे थे, लेकिन इन लोगों ने कुलदीप को कोई ठीक जवाब नहीं दिया। उधर घर वालों की आर्थिक तंगी को देखते हुए कुलदीप बहुत ज्यादा परेशान हो गया और हार्ट अटैक के कारण उसकी मौत हो गई। 
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रिश्तेदारों से मांगी माफी: सुसाइड नोट में परिवार ने इस पूरे घटनाक्रम का जिक्र करते हुए अपने रिश्तेदारों से माफी मांगी है और इन लोगों के खिलाफ कार्यवाही की अपील की है। मृतक भगवान दास के भाई विनोद कुमार ने बताया कि उनके भाई भगवान दास दिल्ली परिवहन निगम से रिटायर्ड थे। उनका बेटा कुलदीप रूस से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। कुछ दिन पहले इनके बेटे को हार्ट अटैक आने से मौत हो गई, परिवार बेटे की मौत से टूट गया था।
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दंपति भगवान दास-शारदा और उनकी 20 साल की बेटी सरिता ने अपने घर में ही जहर खा लिया। इस घटना से गांव के लोग सदमे में हैं। पूरे गांव में गम का माहौल है। गांव खेड़ा डाबर में एक परिवार के तीन लोगों द्वारा खुदकुशी करने के मामले में पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर आरोपियों आलोक सिन्हा व नदीम के खिलाफ जाफरपुर थाना में केस दर्ज जांच शुरू कर दी है। खुदकुशी के लिए मजबूर करने और चीटिंग के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। 
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