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ATM की लाइन में लगे बुजुर्ग को आया हार्टअटैक, मर गया लेकिन लाइन नहीं टूटी

Thu, 15 Dec 2016 09:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
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बैंक की लाइन में खड़े व्यक्ति की हार्ट अटैक से मौत
ये शर्मनाक है कि लोग ATM की लाइनों में मर रहें है लेकिन ज्यादा शर्मनाक ये है कि लोगों में जैसे मानवता खत्म ही हो गई है। यहां भी कुछ ऐसा ही हुआ।
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बैंक की लाइन में खड़े व्यक्ति की हार्ट अटैक से मौत
अपनी पेंशन निकालने के लिए एसबीआई की लाइन में लगे 63 वर्षीय सतबीर सिंह की मौत हो गई। मंगलवार को वह अपनी पेंशन से नकदी निकालने के लिए एसबीआई की मेन ब्रांच पहुंचे। सुबह करीब दस बजे सतबीर जाट कॉलेज के सामने एसबीआई की मुख्य शाखा के बाहर लगी लंबी लाइन में पहुंचे। करीब 11.30 बजे उन्हें अचानक चक्कर खाकर गिर पड़े। पास खड़े लोग उनके हाथ पैर मसलते हुए संभालने का प्रयास किया। तबीयत लगातार बिगड़ती देख लोग एक ऑटो रिक्शा में उन्हें नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया।
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बैंक की लाइन में खड़े व्यक्ति की हार्ट अटैक से मौत
अर्बन एस्टेट चौकी प्रभारी पवन कुमार ने मौके पर पहुंचकर शव कब्जे में ले लिया। चौकी प्रभारी ने बताया कि जींद के गांव छातर निवासी मनोज कुमार ने बयान देकर कहा है कि घटना से कुछ समय पहले उसकी फोन पर ससुर सतबीर सिंह से बात हुई थी। उन्होंने उसे बताया था कि वह पैसे निकलवाने के लिए बैंक में आया है। लाइन में लगने वाला है। सतबीर सिंह के बेहोश होकर गिरने के बाद भी बैंक के बाहर लगी लाइन नहीं टूटी। लोगों को करीब दो घंटे बाद पता लगा कि सतबीर की मौत हो चुकी है। सतबीर की मौत की जानकारी मिलने के बाद हंगामे की आशंका को देखते हुए एसबीआई के सामने पुलिस सुरक्षा को दोगुना कर दिया गया।

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बैंक की लाइन में खड़े व्यक्ति की हार्ट अटैक से मौत
स्टेट बैंक की मुख्य ब्रांच के पास तीन एटीएम हैं। पिछले तीन दिन से यह तीनों एटीएम बंद थे। मंगलवार को भी इन एटीएम में कैश नहीं डाला गया। एटीएम में कैश नहीं होने के कारण बैंक के बाहर लाइन दोगुनी थी। अगर एटीएम में कैश होता तो शायद लाइन आधी होती। मोबाइल में फीड नंबरों के आधार पर इमरजेंसी से किसी ने फोन कर मृतक के परिजनों को सूचना दी। मृतक की पत्नी कृष्णा, छोटी बेटी कविता व दामाद मनोज कुछ देर बाद सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंच गए। बाद में मृतक का बड़ा दामाद पवन भी पहुंचा। जानकारी मिलते ही सूर्य नगर के काफी लोग वहां पहुंच गए। मृतक के दो बेटी और एक बेटा है। बेटा गुरुग्राम में जॉब करता है।
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- फोटो : फाइल फोटो
मीडियाकर्मी ने दिखाई मानवता
मीडियाकर्मी सुरेंद्र लाइनों में खडे़ लोगों की वीडियो बना रहे थे। लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानने का प्रयास कर रहे थे। इसी बीच उन्होंने सतबीर को गिरते देखा तो कैमरा छोड़कर उन्होंने मानवता धर्म निभाया। सतबीर को ऑटो में लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचे। मामले की सूचना मिलने पर डीएसपी मुख्यालय भगवान दास और सिविल लाइन थाना प्रभारी गौरव शर्मा व अन्य सिविल अस्पताल में पहुंचे।
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