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2000 के नकली नोट छापने वाले भाई बहन पर चौंकाने वाले 10 खुलासे, देखिए

Sat, 03 Dec 2016 09:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
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नकली नोट छापने वाले भाई-बहन - फोटो : अमर उजाला
मोहाली के भाई-बहन ने नई करेंसी के नकली नोट छापकर खलबली मचा दी। अब इन्हें लेकर रोजाना चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। आप भी जानिए।
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नकली नोट छापने वाले भाई-बहन
42 लाख की जाली करेंसी के साथ पकड़े गए आरोपियों के तार दिल्ली तक फैले हुए हैं। अब पुलिस उक्त नेटवर्क की तलाश में दिल्ली जाएगी। यह बात वीरवार को तब सामने आई जब आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। सोहाना पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए दलील दी कि इन्होंने दिल्ली में करीब चालीस लाख रुपये की जाली करेंसी अपने जानकारों के पास रखी हुई है। जिसे अभी रिकवर किया जाना है। ऐसे में उन्हें आने जाने में समय लगेगा। इसलिए चार दिन का रिमांड दिया जाए।
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नकली नोट छापने वाले भाई-बहन
आरोपियों के वकील ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि पुलिस ने 29 नवंबर को उन्हें गिरफ्तार किया था। ऐसे में अब तक सारी रिकवरी की जानी चाहिए थी। वहीं, उन्होंने कहा कि उक्त आरोपी कोई बड़े क्रिमिनल नहीं हैं। आरोपी अभिनव ने तो पीएम के मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट में ब्लाइंडस के लिए यूटिलिटी रिंग बनाई थी। जिसके लिए उसे सम्मानित किया जा चुका है। अदालत ने सभी पक्षों को सुनते हुए आरोपियों को तीन दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया।

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नकली नोट चलाने वाले गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
अदालत में पुलिस ने कहा कि आरोपियों की तिकड़ी काफी शातिर थी। उन्होंने मोहाली के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित फैक्ट्री में नोट छाप थे। इस दौरान पुलिस ने कहा कि आरोपियों से डिजिटल प्रिंटर व कटर बरामद किया गया है। बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि अगर प्रिंटर से नोट छापे जा सकते है। तो हर कोई आसानी से नोट छापना शुरू कर देगा। उन्होंने कहा कि उक्त प्रिंटर को अदालत में लाया जाए। ताकि देख जा सके कि उस प्रिंटर से नोट कैसे छपते हैं।
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नकली नोट चलाने वाले गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
पुलिस से पता चला है कि नोटबंदी के फैसले के बाद उक्त लोग इस काले कारोबार में उतरे थे। अब तक उन्होंने तीस लाख की जाली करेंसी मार्केट में चला दी है। पकड़े गए सारे आरोपियों के पुलिस ने मोबाइल अपने कब्जे में लिए हैं। साथ ही पता लगाया जा रहा है कि उक्त लोग और कितने लोगों के संपर्क में थे। ताकि पूरी कहानी सामने आ सके। पुलिस ने बताया कि गाड़ी पर जो हरियाणा का नंबर लगा हुआ है। वह ओरिजनल है। वहीं, हरियाणा ट्रांसपोर्ट विभाग से गाड़ी संबंधी जानकारी मांगी है। ताकि गाड़ी के असल मालिक के बारे में पता लगाया जा सके।
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नकली नोट चलाने वाले गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
तीनों आरोपी अच्छे घरों से संबंध रखते हैं। आरोपी अभिनव के पिता का देहांत हो चुका है। जबकि मां सेना में चंडीमंदिर मेडिकल विभाग में तैनात हैं। उसने बीटेक की पढ़ाई करने के बाद मोहली में एक कंपनी खोली थी। जिसमें उसने दूसरी आरोपी व कजन वैशाखा को एचआर की कमान सौंप रखी थी। इसी कंपनी में दोनों ने मोटी रकम कमाने का सपना देखा था। दोनों काफी शातिर थे। वैशाखा के पिता कपूरथला स्थित रेल फैक्ट्री में इंजीनियर के पद पर तैनात हैं।
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नकली नोट चलाने वाले गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
इसी तरह सुमन लुधियाना का रहने वाला है। वह एक राजनीतिक पार्टी से भी संबंध रखता है और फाइनेंस का काम करता है। वही सारे क्लाइंट तलाश कर इनके पास भेजता था। ऐसे में कई और लोग भी संदेह के घेरे में है। वहीं, बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि अभिनव नें कुछ समय पहले ही ऑडी क्यू सेवन सेकेंड हेंड तीस लाख में खरीदी थी। उसने कहा कि गाड़ी के दस्तावेज अभिनव के नाम पर अभी नहीं है। बताया जाता है कि गाड़ी का यह नंबर फरीदाबाद में किसी व्यक्ति के नाम पर है। 

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42 लाख की जाली करेंसी समेत तीन गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
पता चला है कि अभी भी उक्त गिरोह में शामिल हर्ष और प्रमोद पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस दोनों की तलाश में छापेमारी कर रही है। दोनों आरोपियों की गाड़ी के ड्राइवर है। पुलिस का दावा है कि उक्त लोगों के पकड़े जाने के बाद कहानी से पूरी तरह से पर्दा उठ जाएगा। वहीं, बता दें कि इलाके में जाली करेंसी छापकर मार्केट में चलाने का कारोबार कोई नया नहीं है। इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस काम को हमेशा ही पढ़े लिखे युवाओं ने अपने खर्चों और शौक को पूरा करने के लिए चुना।

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नकली नोट चलाने वाले गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
इसी तरह का एक मामला मई 2015 में भी सामने आया था। उस समय थाना फेज-8 की पुलिस ने पीजी में रहे तीन युवकों को गिरफ्तार किया था। जो जाली नोट छापकर मार्केट में चलाते थे। उक्त मामला अभी अदालत में  विचाराधीन है। भले ही इस बार पुलिस ने दो हजार के नकली नोट बरामद किए है। लेकिन उक्त गिरोह से पुलिस ने सौ और पचास के नोट बरामद किए थे।

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कहीं आपका नोट नकली तो नहीं?
इसके अलावा पुलिस ने उनके पास से लैपटॉप, प्रिंटर व स्कैनर भी बरामद किया था। मामले में गिरफ्तार किए गए युवकों ने पुलिस को पूछताछ में बताया था कि वह हमेशा ही छोटे नोट बनाकर मार्केट में चलाते थे। क्योंकि छोटे नोटों पर कोई शक भी नहीं करता है। जबकि यह नोट आसानी से मार्केट में आसानी से चल जाते थे। उक्त मामले में आरोपी युवक भी बनूड़ के पास स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र थे।
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बंटी-बबली और 2000 के नोटों का तिगड़म
पकड़े गए युवकों ने बताया कि वह पहले असली नोट को स्कैन करते थे। उसके बाद हूबहू नकली नोट तैयार करते थे। गिरोह के लोग मार्केट में इस तरह के  काफी नोट चला चुके थे। आरोपियों ने बताया था कि वह पैसों को ज्यादा भीड़ वाले इलाकों में चलाते थे। जब उनके परिजनों को उनकी इस हरकत का पता चला था तो वह भी दंग रह गए थे।
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