घटना, पंजाब के बरनाला जिले के गांव जोधपुर का है। दरअसल अपने मरहूम पिता किसान दर्शन सिंह द्वारा आढ़ती से लिया कर्ज न उतार पाने के चलते बेटे बलजीत सिंह और किसान की पत्नी बलवीर कौर ने कीड़ेमार दवा पीकर जान दे दी। यह पूरी घटना मंगलवार को पुलिस और प्रशासनिक उच्चाधिकारियों के सामने हुई लेकिन दोनों को बचाया नहीं जा सका। जानकारी के अनुसार दर्शन सिंह ने आढ़ती तेजा सिंह से 2005 में कर्ज लिया था।
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कीडे़मार दवा पीकर घर में चारपाई पर तड़पती किसान की मां बलवीर कौर।
- फोटो : amar ujala
तेजा सिंह के पार्टनर आढ़ती बलजीत सिंह ने किसान दर्शन सिंह की 14 कनाल जमीन का उस कर्ज के बदले ब्याना (एग्रीमेंट) लिखकर किसान पर कोर्ट में केस कर दिया। कुछ समय बाद दर्शन सिंह की मौत हो गई। आढ़ती बलजीत हाईकोर्ट से केस जीत गया। सिविल और पुलिस प्रशासन ने बलजीत को जमीन पर कब्जा नहीं दिलवाया। इस पर बलजीत ने सिविल और पुलिस प्रशासन पर कोर्ट के आदेश तामील करवाने के लिए रिट पटीशन डाल दी।
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कीडे़ मार दवा पी चुके किसान को गंभीर हालत में छत से नीचे उतारते पुलिस कर्मी।
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कोर्ट के आदेश पर मंगलवार को आढ़ती तेजा सिंह व उसका पार्टनर बलजीत सिंह अपने साथ जिला मजिस्ट्रेट पुष्पिंदर कौर, एसपीडी स्वर्ण सिंह, डीएसपी पलविंदर सिंह चीमा को साथ लेकर दर्शन सिंह की जमीन का कब्जा करने के लिए पहुंचे। इस दौरान दर्शन सिंह की पत्नी बलवीर कौर और बेटे बलजीत सिंह बल्लू ने सिविल और पुलिस प्रशासन के सामने कीड़े मार दवा पी ली। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि इस दौरान अधिकारियों के आने की सूचना मिलते ही भारतीय किसान यूनियन के राज्यस्तरीय नेता कब्जा रुकवाने के लिए मौके पर भी पहुंचे लेकिन घटना को नहीं रोका जा सका।
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घटना का विरोध कर रहे किसान नेताओं को हिरासत में लेकर जाती हुई पुलिस।
- फोटो : amar ujala
किसान यूनियन के जिला महासचिव सुखविंदर सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस ने यूनियन के सभी वर्करों और नेताओं को हिरासत में ले लिया। अगर पुलिस उन्हें छोड़ देती तो वे मां-बेटे की जान बचा सकते थे। किसान अवतार सिंह ने बताया कि बलजीत सिंह कीडे़ मार दवा पीकर छत पर चढ़ गया और उसकी मां बलवीर कौर ने घर के अंदर दवा पी ली। सूचना देने के बावजूद उनको अस्पताल नहीं पहुंचाया गया। इस कारण दोनों ने दम तोड़ दिया। किसान यूनियन के राज्य अध्यक्ष बूटा सिंह ने एलान किया कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं किए जाते तब तक शवों का अंतिम संस्कार नही किया जाएगा।
मौके पर लोगों के बीच खडे़ एसपीडी स्वर्ण सिंह खन्ना।
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एसडीएम अमरवीर सिंह सिद्धू व एसपीडी स्वर्ण सिंह खन्ना ने कहा कि वे हाईकोर्ट के आदेश तामील करवाने गए थे। उनके पहुंचने से पहले ही दोनों कोई जहरीली वस्तु निगलकर खुदकुशी कर चुके थे। वहीं जिला पुलिस मुखी गुरप्रीत सिंह तून ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष दर्शन सिंह उगोके के बयानों पर आढ़ती बलजीत सिंह, तेजा सिंह, जसप्रीत सिंह व मन्ना सिंह और बलजीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।