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खालिस्तान लिबरेशन फोर्स चीफ मिंटू से जुड़ी 10 बातें

Tue, 29 Nov 2016 09:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
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हरमिंदर सिंह मिंटू - फोटो : अमर उजाला
नाभा जेल ब्रेक में भागे खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के चीफ हरमिंदर मिंटू को भले ही आज पकड़ लिया गया हो, लेकिन उसके बारे में ये बातें नहीं जानते होंगे आप। खालिस्तान लिबरेशन फोर्स का चीफ हरमिंदर मिंटू किसी समय पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का खास रहा है। इस वजह से उसको खालिस्तान लिबरेशन फोर्स का चीफ बनाया गया था। आईबी की सूचना के बाद पंजाब पुलिस ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से नवंबर 2014 में थाइलैंड से आ रहे खालिस्तानी चीफ हरमिंदर सिंह मिंटू को गिरफ्तार किया था। मिंटू को थाईलैंड में पहले कस्टडी में ले लिया गया था। 
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हरमिंदर सिंह मिंटू - फोटो : अमर उजाला
डेरा प्रमुख पर हमले में नामजद था
2008 में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर हमला और 2010 में लुधियाना के पास हलवारा एयरफोर्स स्टेशन के पास विस्फोटकों की बरामदगी केस में मिंटू शामिल रहा है। पंजाब में शिवसेना के तीन नेताओं की हत्या की साजिश रचने के केस में भी वह वांछित था। खालिस्तान लिबरेशन फोर्स से पहले मिंटू का नाता बब्बर खालसा से था और पाकिस्तान लाहौर में रह रहे वधावा सिंह के संपर्क में था। 
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harminder singh mintoo - फोटो : अमर उजाला
बाद में बब्बर खालसा से अलग हुए खालिस्तान लिबरेशन फोर्स का वह चीफ बन गया। पुलिस जांच के मुताबिक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से हरमिंदर ट्रेनिंग ले चुका है और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए उसे फंड की भी मदद मिलती रही है। इस सिलसिले में वह कई बार पाकिस्तान जा चुका है। 

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हरमिंदर सिंह मिंटू - फोटो : अमर उजाला
दो बार यूरोप जा चुका है मिंटू-
हरमिंदर मिंटू 2010 और 2013 में यूरोप गया। वहां इटली, बेल्जियम, जर्मनी, फ्रांस और दूसरे देशों में उसने वैसे लोगों से संपर्क  साधा जो पंजाब में उनके लिए फंडिंग कर सकते थे। वह यूरोप में गर्म ख्याली लोगों के साथ काफी मिलता जुलता रहा। 2013 में वह  पहले पाकिस्तान गया था और उसके बाद यूरोप गया। 2014  में जब उसे दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया तब वह मलयेशिया के नकली पासपोर्ट पर सफर कर रहा था। पासपोर्ट में उसका नाम गुरदीप सिंह था।  
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हरमिंदर सिंह मिंटू
दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार हुआ था मिंटू
मिंटू को पंजाब पुलिस ने साल 2014 में थाइलैंड से वापसी करते हुए दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। उसे 10 केसों के संबंध में गिरफ्तार किया गया था। इनमें खास तौर से 2008 में सिरसा के डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर हमले और 2010 में हलवारा एयरफोर्स स्टेशन से विस्फोटक सामग्री बरामद होने के मामले शामिल हैं। 49 साल के हरमिंदर सिंह की 2014 में गिरफ्तारी को पंजाब में एंटी टैरेट आपरेशंस में बड़ी सफलता माना गया था। मिंटू पाकिस्तान में भी समय बिता चुका है। आईएसआई से फंड, हथियारों के रूप में मिंटू को पूरी मदद मिल रही थी। 
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हरमिंदर सिंह मिंटू
जालंधर जिले के गांव डाली में अप्रैल 1967 में जन्मे मिंटू का परिवार 1980 में गोवा शिफ्ट हो गया था। मिंटू ट्रेवल करने के लिए फर्जी मलेशियन पासपोर्ट और डाक्यूमेंट का इस्तेमाल करता था। मिंटू कंबोडिया, लाओस, मयंमार और थाइलैंड ट्रेवल कर चुका है। थाइलैंड में उसने बेस बना रखा था। खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स की स्थापना 1984 में आपरेशन ब्लू स्टार के बाद की गई थी। 1984 में भारतीय सेना अमृतसर में श्री हरमंदिर साहिब से आतंकियों को बाहर करने के लिए वहां अंदर गई थी। जिसे लेकर पूरे देश में रोष के स्वर उठने लगे थे।
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नाभा जेल ब्रेक
हलवारा एयरफोर्स स्टेशन के साथ भी बम लगा चुका है मिंटू
पंजाब की हाई सिक्योरिटी जेल पर हमले के बाद फरार हुए खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के आतंकी हरमिंदर सिंह मिंटू के खिलाफ थाना सुधार में भी दस किलो से अधिक विस्फोटक सामग्री पकड़े जाने का मामला दर्ज है। 24 जनवरी 2010 को लुधियाना बठिंडा राजमार्ग पर स्थित भारतीय वायुसेना के बेहद महत्वपूर्ण एयरफोर्स स्टेशन हलवारा के सीवी इंडोर ऑडिटोरियम की दीवार के साथ खड़ी एक लावारिस मारुति कार से दस किलो पांच सौ ग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी। विस्फोटक सामग्री के साथ कार से भारी मात्रा में लोहे की कीलें, पेट्रोल की बोतलें और अन्य सामग्री बरामद की गई थी।

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हरमिंदर सिंह मिंटू
मोबाइल फोन से उड़ाया जाना था बम-
एयरफोर्स स्टेशन हलवारा को नुकसान पहुंचाने के लिए दरअसल यह आईईडी बम बनाया गया था, जिसे मोबाइल फोन से उड़ाया जाना था। किन्हीं तकनीकी कारणों से यह बम नहीं फटा था। इसके बाद और मिंटू और इसके साथी इसे वहीं छोड़कर फरार हो गए थे। थाना सुधार की पुलिस ने इस मामले में 25 जनवरी 2010 को मामला नंबर आठ दर्ज किया था। इसमें जालंधर के गांव भोगपुर के रहने वाले हरमिंदर सिंह मिंटू, संगरूर के गांव भलवान निवासी परगट सिंह, गांव माणकी निवासी जसवीर सिंह जस्सा, समाना के निजामद्दीन निवासी बख्शीश सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। 
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नाभा जेल ब्रेक - फोटो : अमर उजाला
थाना सुधार से मिली जानकारी के अनुसार यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है। नाभा जेल से अन्य आरोपियों के साथ फरार हुए आरोपी हरमिंदर सिंह मिंटू के फरार होने के बाद सुधार पुलिस ने भी उसके केस की फाइलों से मिट्टी झाड़कर रिकार्ड अपडेट शुरू कर दिया है, ताकि उच्चाधिकारियों द्वारा मांगे जाने पर उसे तुरंत दिया जा सके।
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