चंडीगढ़ की लक्ष्मण फ्लोर मिल के मालिक की पंचकूला में स्थित कोठी में आग लगने से उनकी पत्नी जिंदा जल गई, जबकि दोनों बहुएं गंभीर रूप से झुलस गईं।
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तस्वीरें: उद्योगपति की कोठी में आग, पत्नी जिंदा जलीं, बहुएं झुलसीं
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पत्नी जिंदा जल गई, जबकि दोनों बहुएं गंभीर रूप से झुलस गईं।
- फोटो : amarujala
घटना, पंचकूला में सेक्टर-12 स्थित कोठी नंबर 637 में बुधवार सुबह 10 बजे हुई। अमृतलाल गर्ग की पत्नी 55 वर्षीया पत्नी कमलेश गर्ग की जलने से मौत हो गई। उनका शव सेक्टर-6 स्थित सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम को भेजा। वहीं, एक बहु को नाजुक स्थिति में पीजीआई रेफर कर दिया गया है, जबकि दूसरी बहु की हालत खतरे से बाहर है। फिलहाल घटना के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।
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पत्नी जिंदा जल गई, जबकि दोनों बहुएं गंभीर रूप से झुलस गईं।
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घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीमों ने आग पर काबू पाया। इधर, डीसीपी अनिल धवन, थाना सेक्टर-5 प्रभारी ललित कुमार दलबल के साथ पहुंचे और सीन आफ क्राईम की टीम बुलाकर घटनास्थल का मुआयना किया। थाना प्रभारी ललित कुमार ने बताया कि उक्त कोठी चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया फेज एक में स्थित लक्ष्मण फ्लोर मिल के मालिक अमृतलाल गर्ग की है।
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पत्नी जिंदा जल गई, जबकि दोनों बहुएं गंभीर रूप से झुलस गईं।
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थाना प्रभारी के मुताबिक कोठी में अमृतलाल गर्ग, उनकी पत्नी कमलेश गर्ग के अलावा बड़ा बेटा सुमित, उसकी पत्नी मनजोत, सुमित की बेटी हीया, छोटा बेटा अजय और उसकी पत्नी नम्रता के अलावा घर में काम करने वाली युवती आरती सहित कुल आठ लोग रह रहे थे। अमृतलाल की दोनों पुत्र वधुएं रिश्ते में सगी बहनें हैं। जब आग लगी तो अमृतलाल गर्ग अपनी फैक्ट्री चले गए थे, जबकि दोनों बेटे अपनी कंपनी में।
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पत्नी जिंदा जल गई, जबकि दोनों बहुएं गंभीर रूप से झुलस गईं।
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अमृतलाल गर्ग के दोनों बेटे ढकौली में बिल्डर कंपनी चलाते हैं। सुबह करीब सवा 10 बजे कोठी नंबर 555 में रहने वाले पड़ोसी के ड्राइवर नरेश ने सबसे पहले अमृतलाल गर्ग को फोन पर आगजनी की सूचना दी। सूचना मिलते ही अमृतलाल जब तक कोठी में पहुंचे, उनकी पत्नी कमलेश की मौत हो चुकी थी, जबकि बहुएं मनजोत और नम्रता झुलस गईं थीं। पोती हीया घर की कामवाली आरती के साथ कोठी के बाहर खेलने के कारण बच गई।