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देखिए, ऐसे होता है आर्मी में 'कोर्ट मार्शल'

Mon, 22 Dec 2014 06:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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क्या आपने कभी आर्मी में कोर्ट मार्शल होते हुए देखा है? अगर नहीं तो देखिए जरा ये तस्वीरें, ऐसे होता है कोर्ट मार्शल।
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यह कोर्ट मार्शल हुआ जीसीजी-42 में चल रहे नाट्य उत्सव के 5वें दिन। यहां पर कलाकारों द्वारा कोर्ट मार्शल नाटक का मंचन किया गया।
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थिएटर फॉर थिएटर और संस्कार भारती एनजेडसीसी पटियाला के सहयोग से चंडीगढ़ में नाट्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

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कोर्ट मार्शल नाटक सेना में होने वाले भेदभाव पर आधारित था। जीसीजी-42 में चल रहे नाट्य उत्सव में रविवार को पंजाब के टूरिज्म और कल्चरल मंत्री सोहन सिंह ठंडल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
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नाटक की शुरुआत होती है सेना के परिदृश्य से। इसमें दर्शाया गया कि सेना हो या समाज, आज भी सब जगह सामाजिक भेदभाव बरकरार है। समाज चाहे कितनी भी उन्नति कर ले, लेकिन ऊंच-नीच की दीवार आज भी मौजूद है।
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मंचन में दिखाया गया कि सेना के एक जवान से उनके अधिकारी कैसे दुर्व्यवहार करते हैं। ऐसे ही एक दृश्य का मंचन किया गया, जिसमें एक जवान से उसका कैप्टन दुर्व्यवहार करता है और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है। इससे परेशान होकर जवान अपने ही अधिकारी को गोली मार देता है। इससे एक कैप्टन की मौत हो जाती है और दूसरा घायल हो जाता है।
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इसके बाद उस जवान को सेना गिरफ्तार कर लेती है और उस पर कोर्ट मार्शल का केस चलता है। केस के दौरान वह अदालत में साबित करता है कि उसने किस तरह से अपनी आत्मरक्षा, सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए गोली चलाई थी। उसने किसी की हत्या नहीं कि बल्कि अपना बचाव किया है। उसकी दलीलें सुनने के बाद अदालत इसका फैसला जनता पर छोड़ देती है।
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नाटक में ये थे कलाकार- सुदेश शर्मा (कर्नल सूरत सिंह), मनिंदर सिंह भारती (गार्ड-1), नरेश भगत (डॉ. गुप्ता), जसपाल सिंह बरनाला (सूबेदार बलवंत सिंह), ईश्वर ठाकुर (मेजर अजय पुरी), तितिकशु महाजन (कैप्टन बीडी कपूर), अंजलि सिंह (कैप्टन विकास रॉय), शविंदर पाल सिंह (लेफ्टिनेंट कर्नल रावत), तेजबान गांधी (जज-1), मोहित गुप्ता (जज-2) आदि। लेखक स्वदेश दीपक और निर्देशक सुदेश शर्मा थे।
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