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Punjab: यह है लकड़ी से बना देश का पहला गुरुद्वारा साहिब, फिनलैंड से भी जुड़ा नाता, देखें- खूबसूरत तस्वीरें

Mon, 13 Mar 2023 01:44 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, फाजिल्का (पंजाब)

सार

अब फाजिल्का की पुलिस लाइन में नवनिर्मित गुरुद्वारा साहिब भी अपने अनोखे रूप की वजह से चर्चा में है। यह पूरी तरह लकड़ी से निर्मित है। देश में यह अपनी तरह का पहला गुरुद्वारा साहिब है।
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लकड़ी से बनाया गया गुरुद्वारा साहिब। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पंजाब के अमृतसर में स्वर्ण मंडित गुरुद्वारा श्री हरमंदिर साहिब देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। अपने अलौकिक रूप की वजह से इसकी अलग पहचान है। अब फाजिल्का की पुलिस लाइन में नवनिर्मित गुरुद्वारा साहिब भी अपने अनोखे रूप की वजह से चर्चा में है। यह पूरी तरह लकड़ी से निर्मित है। देश में यह अपनी तरह का पहला गुरुद्वारा साहिब है।
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गुरुद्वारा साहिब। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
करीब एक माह पहले ही यहां श्री गुरुग्रंथ साहिब जी का प्रकाश हुआ है। इसके बाद यह आस्था व आकर्षक का केंद्र बना हुआ है। यहां माथा टेकने वाली संगत की संख्या प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसमें फिनलैंड से मंगवाई गई पाइन (चीड़) की लकड़ी का इस्तेमाल किया गया है। इसके निर्माण पर करीब 50 लाख रुपये की लागत आई है। 80x160 फुट जगह में तैयार हुए इस गुरुद्वारा साहिब को बहुत खूबसूरत तरीके से सजाया गया है।
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गुरुद्वारा साहिब की तस्वीर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कुछ अलग करना चाहते थे पूर्व एसएसपी भूपिंदर सिंह
एसएसपी दफ्तर के रीडर दौलत राम ने बताया कि पूर्व एसएसपी भूपिंदर सिंह की जब यहां पोस्टिंग हुई तो स्टाफ ने उन्हें पुलिस लाइन में गुरुद्वारा साहिब न होने की बात कही। इस पर उन्होंने लुधियाना के अपने जानकारों के साथ बातचीत की और गुरुद्वारा साहिब बनवाने का काम शुरू किया। भूपिंदर सिंह कुछ अलग करना चाहते थे, जिससे यह गुरुद्वारा साहिब आकर्षण का केंद्र बने। इसके निर्माण के लिए उन्होंने सहयोगी कर्मचारियों, विदेश में रह रहे अपने मित्रों, स्थानीय लोगों के सहयोग से राशि जुटाई। इसका निर्माण लुधियाना की कंपनी वुड मास्टर प्राइवेट लिमिटेड के कारीगरों ने किया। इसके बनने में चार माह का समय लगा। इसे हर तरह से सुरक्षित बनाया गया है। कंपनी का कहना है कि 50 वर्ष तक इसके स्वरूप को कोई नुकसान नहीं होगा। भूपिंदर सिंह का कहना है कि भले ही उनकी पोस्टिंग अब अन्य जिले में हो गई है लेकिन इस गुरुद्वारा साहिब के जरिये उनकी याद हमेशा फाजिल्का के साथ जुड़ी रहेगी।

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गुरुद्वारा साहिब। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस बैंड से हुआ स्वागत
रीडर दौलत राम ने बताया कि श्री गुरुग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप को गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा से जिले के पुलिस अधिकारी व जवान नगर कीर्तन के रूप में पांच प्यारों की अगुवाई में पुलिस लाइन लेकर पहुंचे। यहां पंजाब पुलिस के बैंड ने नगर कीर्तन का भव्य स्वागत किया। रास्ते में स्थानीय बार एसोसिएशन के वकीलों ने लाइन में खड़े होकर पुष्पों की वर्षा की। पुलिस लाइन पहुंचने पर डीएसपी सुबेग सिंह की अगुवाई में श्री गुरुग्रंथ साहिब जी को सम्मान भेंट किया गया। सैंकड़ों की संख्या में पहुंची संगत वाहेगुरु का जप करती हुई गुरुद्वारा साहिब में पहुंची। जहां भाई हरसिमरनजीत सिंह ने अरदास के बाद श्री गुरुग्रंथ साहिब जी का प्रकाश किया। इसके बाद भाई मंगल सिंह के जत्थे ने गुरबाणी की अमृत वर्षा की।
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गुरुद्वारा साहिब। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सैकड़ों की संख्या में रोज पहुंच रही संगत
गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने रोजाना सैकड़ों की संख्या में संगत आ रही है। रोजाना सुबह साढ़े पांच बजे गुरुद्वारा साहिब में श्री गुरुग्रंथ साहिब जी का प्रकाश किया जाता है और शाम आठ बजे विश्राम दिया जाता है। यहां सुखमनी साहिब का पाठ और रागी जत्थे द्वारा कीर्तन किया जाता है। गुरुद्वारा गुरु श्री सिंह सभा के मुख्य सेवादार भाई दविंदरपाल सिंह ने कहा कि पुलिस लाइन में सरबत के भले के लिए स्थापित गुरुद्वारा साहिब से युवा वर्ग को सिख इतिहास से जोड़ने का अच्छा प्रयास है।
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