गुरुद्वारा साहिब की तस्वीर।
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कुछ अलग करना चाहते थे पूर्व एसएसपी भूपिंदर सिंह
एसएसपी दफ्तर के रीडर दौलत राम ने बताया कि पूर्व एसएसपी भूपिंदर सिंह की जब यहां पोस्टिंग हुई तो स्टाफ ने उन्हें पुलिस लाइन में गुरुद्वारा साहिब न होने की बात कही। इस पर उन्होंने लुधियाना के अपने जानकारों के साथ बातचीत की और गुरुद्वारा साहिब बनवाने का काम शुरू किया। भूपिंदर सिंह कुछ अलग करना चाहते थे, जिससे यह गुरुद्वारा साहिब आकर्षण का केंद्र बने। इसके निर्माण के लिए उन्होंने सहयोगी कर्मचारियों, विदेश में रह रहे अपने मित्रों, स्थानीय लोगों के सहयोग से राशि जुटाई। इसका निर्माण लुधियाना की कंपनी वुड मास्टर प्राइवेट लिमिटेड के कारीगरों ने किया। इसके बनने में चार माह का समय लगा। इसे हर तरह से सुरक्षित बनाया गया है। कंपनी का कहना है कि 50 वर्ष तक इसके स्वरूप को कोई नुकसान नहीं होगा। भूपिंदर सिंह का कहना है कि भले ही उनकी पोस्टिंग अब अन्य जिले में हो गई है लेकिन इस गुरुद्वारा साहिब के जरिये उनकी याद हमेशा फाजिल्का के साथ जुड़ी रहेगी।