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Pics: पंचतत्व में विलीन हुए बलराम दास टंडन, अंतिम दर्शन करने पहुंचे गृहमंत्री राजनाथ सिंह

Thu, 16 Aug 2018 05:23 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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बलराम दास टंडन
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बलराम दास टंडन का आज चंडीगढ़ में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह पहुंचे, देखिए तस्वीरें। सभी फोटोः राजेश ढल्ल
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बलराम दास टंडन का अंतिम संस्कार
चंडीगढ़ में सेक्टर 25 स्थित शमशान घाट में 16 अगस्त की दोपहर बलराम दास टंडन को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर मौजूद रहे। शिरोमणि अकाली दल सुप्रीमो सुखबीर बादल पहुंचे। हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी पहुंचे। इसके अलावा बीजेपी के कई नेता व काफी संख्या में शहरवासी, नाते रिश्तेदार उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचे।
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बलराम दास टंडन का अंतिम संस्कार
पंजाब में उपमुख्यमंत्री रह चुके बलरामजी दास टंडन का मंगलवार दिनांक 14 अगस्त 2018 की दोपहर को बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 91 वर्ष के थे। सीने में बैचेनी की शिकायत के बाद उन्हें रायपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन के चलते चंडीगढ़ में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए थे। पंजाब और हरियाणा सरकार ने शोक स्वरूप राजभवन में होने वाले एट होम प्रोग्राम को भी रद कर दिया था। 


 

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बलराम दास टंडन
बलराम दास टंडन का पार्थिव शरीर 14 अगस्त की रात को ही चंडीगढ़ सेक्टर 18 में कोठी नंबर 1636 में पहुंच गया था। पार्टी ऑफिस कमलम में 15 अगस्त की सुबह उनका पार्थिव शरीर संगत दर्शन के लिए रखा गया था। देश भर से राजनीति के कई दिग्गज और नामी हस्तियां उनके अंतिम दर्शनार्थ पहुंचीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वैंकेया नायड़ू, राष्ट्रीय संगठन मंत्री राम लाल, सुधांशु जी महाराज, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने फोन करके निधन पर शोक जताया।
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बलराम दास टंडन का अंतिम संस्कार
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, गवर्नर आचार्य देवव्रत, बीजेपी हिमाचल अध्यक्ष सतपाल सत्ती वीरवार सुबह दर्शनों के लिए आए। गर्वनर वीपी सिंह बदनौर और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे। इनके अलावा बिक्रम सिंह मजीठिया, सांसद किरण खेर, हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस महेश ग्रोवर, पीजीआई के डायरेक्टर जगतराम, पवन बंसल, प्रेम सिंह चंदूमाजरा, मनोरंजन कालिया ने भी श्रद्धांजलि दी।
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बलराम दास टंडन
बलराम दास टंडन का जन्म एक नवंबर 1927 को पंजाब के अमृतसर में रूपलाल टंडन के घर में हुआ। बलरामजी दास टंडन के पुत्र संजय टंडन चंडीगढ़ भाजपा के अध्यक्ष हैं। टंडन ने अमृतसर के चौक पासियां की एक तंग गली में स्थित पैतृक घर में राजनीति का ककहरा सीखा और राजभवन तक का सफर तय किया। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय लाहौर से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद वे निरन्तर सामाजिक और सार्वजनिक गतिविधियों में सक्रिय रहे।उन्होंने 16 की आयु में ही आरएसएस ज्वाइन कर लिया था।
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बलराम दास टंडन
पंजाब भाजपा के दिग्गज नेता और छत्तीसगढ़ के राज्यपाल स्व. बलराम दास टंडन उन लोगों में से थे, जिन्होंने भारतीय जनसंघ को स्थापित किया। 1953 में एक पार्षद के तौर पर उनका सियासी सफर शुरू हुआ और आगे चल कर वह डिप्टी सीएम बने। शुरुआती राजनीति के दौरान टंडन की छवि एक समाजसेवी की थी। उन्होंने गरीब मरीजों केलिए मुफ्त मेडिकल डिस्पेंसरी चलाईं। अपने छात्र जीवन में राज्यपाल बलरामदास टंडन कुश्ती, वॉलीबॉल, तैराकी और कबड्डी के सक्रिय खिलाड़ी रहे थे।

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बलराम दास टंडन
टंडन 1951 में जनसंघ के संस्थापक सदस्य थे। 1953 में पहली बार अमृतसर नगर निगम के पार्षद बने। फिर अमृतसर विधानसभा क्षेत्र से 1957, 1962, 1967, 1969 एवं 1977 में विधायक चुने गए। 1975 से 1977 तक आपातकाल के दौरान वे जेल में भी रहे। 1951 से 1957 तक पंजाब जनसंघ के सचिव और 1995-97 से पंजाब भाजपा के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। बलराम दास टंडन 1969-70 के दौरान अकाली दल-जन संघ मंत्रालय में पंजाब के उपमुख्यमंत्री थे। 1979 से 1980 के दौरान वे पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे।

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बलराम दास टंडन
साल 1997 में टंडन राजपुरा सीट से चुनाव जीत कर पंजाब में मंत्री बने। अब जुलाई 2014 से वे छत्तीसगढ़ के राज्यपाल थे। पिछले दिनों उन्होंने बढ़ा हुआ वेतन लेने से इनकार कर दिया था, उनके इस कदम की सभी ने तारीफ की थी। टंडन के बारे में कहा जाता है कि 1950-51 में बलराम दास टंडन संघ का प्रचार करने के लिए हिमाचल प्रदेश के चंबा गए हुए थे। रात को उन्हें संदेश दिया गया कि वह जल्द डलहौजी पहुंचें, जहां संघ के प्रचारकों की बैठक है। टंडन रात को ही 35 किलोमीटर के सफर पर पैदल निकल पड़े और सुबह डलहौजी पहुंच गए।

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Balram Das Tandon
1953 में भारतीय जनसंघ के तत्कालीन अध्यक्ष श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाने के लिए विरोध-प्रदर्शन शुरू किया था। तब टंडन को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। टंडन धर्मशाला की यौल जेल में बंद कर दिए गए थे। इसी बीच अमृतसर म्युनिसिपल कमेटी के चुनावों की घोषणा हुई। टंडन ने भी नामांकन पत्र भरकर भेजा और जीत दर्ज की।
 
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Balram Das Tandon
फुटबाल खेलते हुए टूट गया था घुटना
राजनीतिक पारी का आगाज करते हुए टंडन जब रिहा हुए तो उन्होंने अमृतसर में भारतीय जनसंघ को मजबूत किया। आपातकाल के समय उन्हें जेल में बंद कर दिया गया। जेल में फुटबाल खेलते हुए उनका घुटना टूट गया। तत्कालीन मुख्यमंत्री ने उन्हें पैरोल पर रिहा होने की सलाह दी, लेकिन टंडन नहीं माने। आपातकालीन समाप्त होने के बाद 1977 में फिर चुनाव लड़ा, जीते और प्रकाश सिंह बादल सरकार में मंत्री बने।
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