सिविल सर्विसेज में जाना है, यूपीएससी क्लीयर करके आईएएस बनना चाहते हैं तो ‘सक्सेस गुरु’ के 5 फंडे अपनाइए। सफलता आपके कदम चूमेगी, सपने पूरे होंगे।
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चाणकय आईएएस एकेडमी के संस्थापक एवं ‘सक्सेस गुरु’ के नाम से विख्यात एके मिश्रा चंडीगढ़ में थे। यहां उन्होंने सिविल सेवा में जाने की चाहत रखने वालों के मार्गदर्शन हेतु ‘आर्ट ऑफ सक्सेस’ पर निशुल्क सेमिनार आयोजित किया था। सेमिनार में सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई)-2017 के सफल उम्मीदवार भी मौजूद रहे। यहां उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में बैठने की इच्छा रखने वाले छात्रों से अपनी बात कहने और उन्हें सुनने का अवसर प्रदान किया।
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एके मिश्रा ने बताया कि अकादमी अपने रजत जयंती वर्ष में कदम रख रही है। इस मौके पर 12वीं के छात्रों के लिए सीएसई का तीन साल का एक विशेष प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है। इसका पहला बैच आगामी 20 जुलाई से शुरू होगा, जिसमें प्राथमिकता के आधार पर छात्रों का चयन किया जाएगा। सेमिनार के दौरान एके मिश्रा ने स्टूडेंट्स को यूपीएससी क्लीयर करने के कुछ टिप्स भी दिए। उनका कहना है कि एग्जाम क्लीयर करना मुश्किल है, लेकिन नामुमकिन नहीं।
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एके मिश्रा ने बताया कि आईएएस बनने के लिए नियमित अध्ययन और कड़ी मेहनत जरूरी है। टीवी और अखबार के जरिये देश-विदेश के घटनाक्रम से नियमित तौर पर अपडेट रहें। अगर किसी मुकाम को हासिल करना है तो पढ़ाई के साथ-साथ जरूरी है कि खुद को उन बातों से दूर रखें, जिसमें वक्त लगता हो। सफलता तभी कदम चूमती है, जब आपमें कुछ कर गुजरने का जज्बा हो। दिल में धैर्य हो और फितरत मेहनती। सफल होने के लिए कोई शॉर्ट कट नहीं होता।
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एके मिश्रा ने बताया कि परीक्षा कोई भी हो, उसके लिए प्लानिंग परफेक्ट होनी चाहिए। परीक्षा की तैयारी में हौसला नहीं छोड़ना चाहिए। अगर कभी ऐसा लगे या खुद में डिमोटिवेशन आए तो उन लोगों को देखें, जो आपके साथ पढ़ रहे हैं। कभी भी जब ऐसी भावना आई तो ऐसा ही किया। इसके अलावा सिविल सर्विस के टॉपर्स की कहानियां उत्साह बढ़ाती हैं। अखबार पढ़ना, वाद-विवाद करना और जो पढ़ा उसे रिकॉल करना बेहद जरूरी है।
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यूपीएससी पास करने के लिए परफेक्ट प्लानिंग होनी चाहिए, क्योंकि टाइम लिमिटेड होता है। एक रिजल्ट आने से पहले दूसरी परीक्षा की तैयारी शुरू करनी पड़ती है। परीक्षा से संबंधित बहुत सा पाठ्यक्रम उपलब्ध है। परीक्षार्थी को अपने मुताबिक अपना पाठ्यक्रम चुनना होता है। परीक्षा पास करने के लिए ग्रुप स्टडीज काफी मायने रखती है। परीक्षा को पास करने के लिए जो आप टाइम टेबल बनाते हैं, उसका कम से कम 80 फीसदी तो फॉलो करें। कभी मन में ऐसी बात न आने दें कि अगर फेल हो गए तो लोग क्या कहेंगे?
ये है सक्सेस गुरु की सफलता का मूल मंत्र
सेमिनार में एके मिश्रा ने खुलासा किया कि ‘आर्ट ऑफ सक्सेस’ प्रणाली एक ट्रेडमार्क मॉडल, ‘ह्यूमन सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट मॉडल’ पर आधारित है, जो क्लीनिकल साइकोलॉजी, एनएलपी (न्यूरो लिंज्विस्टिक प्रोग्रामिंग) एवं शारीरिक अध्ययन आदि का मिश्रण है। उन्होंने कहा कि ‘स्वस्थ मस्तिष्क वाले किसी भी व्यक्ति को उत्कृष्टता के लिए प्रशिक्षित किया जा सकता है। मैं इस बात में विश्वास नहीं करता कि एक जो कर सकता है, उसे दूसरा कोई नहीं कर सकता।