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तिरंगे में लिपटकर लौटे पिता तो फफक पड़ी बेटी, रोया पूरा गांव

Thu, 24 Dec 2015 08:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नारनौल(हरियाणा)
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बीएसएफ में सब इंस्पेक्टर पद पर हैलीकाप्टर तकनीशियन के रूप में कार्यरत छोटे लाल की बेटी नहीं जानती थी कि अब उसके पिता उसे तिरंगे में लिपटे हुए दिखाई देंगे। देखिए, पूरा मामला।
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तिरंगे में लिपटकर लौटे पिता तो फफक पड़ी बेटी, रोया पूरा गांव

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एसआई छोटेलाल का पैतृक गांव कोरियावास में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया। उन्हें दिल्ली से आई बीएसएफ की टुकड़ी के अलावा हरियाणा पुलिस ने भी सलामी दी।
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शहीद छोटे लाल को उनके बेटे सोमेश ने मुखग्नि दी। इस मौके पर उनका पूरा परिवार और गांव के लोग मौजूद रहे। संस्कार के दौरान माहौल इतना गमगीन हो गया कि हर आंख फूट-फूट कर रोई। शहीद छोटे लाल को सलामी भी दी गई।

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उनके पैतृक गांव कोरियावास स्थित मकान में अनेक लोग परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे। आज जैसे ही छोटे लाल का शव तिरंगे में लिपटकर गांव कोरियावास पहुंचा तो परिजनों के साथ-साथ पूरे गांव में आंसुओं का सैलाब आ गया।
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बीएसएफ के अधिकारियों ने राजकीय सम्मान के साथ शव को कंधा दिया। अंतिम संस्कार के मौके पर छोटे लाल के परिजनों के अलावा आसपास के गांवों के लोग भी मौजूद थे। उनकी शवयात्रा में कई लोगों ने हिस्सा लिया।
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शहीद छोटेलाल के पार्थिव शरीर को पहले दिल्ली से दोपहर बाद करीब दो बजे नारनौल में उनके सेक्टर एक स्थित मकान नंबर 747 में लाया गया। इस दौरान सैकड़ों लोग उनके आवास के बाहर जमा हो गए थे। जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर उनके आवास पर पहुंचा तो वहां का पूरा माहौल गमगीन हो गया।
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शहीद के शव के साथ उनकी पत्नी रेखा, बेटा सोमेश, बेटी महिमा और शहीद के भाई भी थे। शव को यहां पर कुछ देर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। उसके उपरांत दाहसंस्कार के लिए सैनिक के पैतृक गांव कोरियावास में ले जाया गया।

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जैसे ही शहीद का शव साथ आई बीएसएफ की टुकड़ी ने वाहन से उतारा, वैसे ही परिजनों की आंखें नम हो गई। शहीद की पत्नी, बच्चे और भाई फूट-फूट कर रोने लगे। वहीं शहीद के घर के बाहर खड़े लोगों की आंखें भी भर आई।

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शहीद के पार्थिव शरीर को नारनौल स्थित उनके आवास पर रखने के बाद कुछ क्रियाएं संपन्न करवा शहीद छोटेलाल के पैतृक गांव कोरियावास में अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। जहां पर सैकड़ों लोग उनके अंतिम दर्शनों के लिए उमड़ पड़े।

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गांव पहुंचने पर शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा, विधायक अभय सिंह समेत एडीसी आरएस वर्मा और अन्य अधिकारियों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। शिक्षामंत्री ने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि भाग्य के आगे किसी का जोर नहीं है। हरियाणा वीरों की भूमि है, खासकर दक्षिणी हरियाणा से अनेक वीर योद्धाओं ने देश की रक्षा करते अपने प्राण न्यौछावर किए हैं।

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अंतिम संस्कार के समय शहीद एसआई छोटे लाल को बीएसएफ दिल्ली से आए एयर कमांड के असिस्टेंट कमांडेंट नीतिश कुमार मिश्रा की अगुवाई में टुकड़ी और हरियाणा पुलिस के जवानों ने 11 राउंड सलामी दी।

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वहीं उनके नारनौल स्थित मकान में सन्नाटा पसरा हुआ था। तीन भाईयों में सबसे छोटे छोटेलाल का बड़ा भाई मामचंद स्वास्थ्य विभाग से रिटायर हैं तथा दूसरे नंबर का भाई राधेश्याम संस्कृत अध्यापक हैं।

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प्लेन क्रेश में शहीद हुए नारनौल के गांव कोरियावास निवासी सब इंस्पेक्टर 45 वर्षीय छोटेलाल में देश भक्ति कूट-कूट कर भरी हुई थी। एयरफोर्स से रिटायर होने के बाद छोटेलाल बीएसएफ में सब इंस्पेक्टर पद पर लगे। हादसे का समाचार मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

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छोटेलाल शर्मा के सर से पिता का साया बचपन में ही उठ गया था। छोटेलाल का पुत्र सोमेश बीटेक कर चुका है तथा उनकी पुत्री पिविका फिलहाल बीए फाइनल में हैं। वे अपनी मम्मी के साथ सेक्टर एक में रहते हैं।
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गौरतलब है कि बीते दिन दिल्ली से रांची जा रहे बीएसएफ के विशेष विमान के क्रैश होने से शहीद होने वाले 10 जवानों में से हरियाणा के तीन लाल भी शामिल थे। इनमें महेंद्रगढ़ जिले के कोरियावास निवासी सब इंस्पेक्टर छोटेलाल के अलावा भिवानी के बारवास गांव निवासी एसएसबी में डिप्टी कमांडेंट और बीएसएफ में प्रतिनियुक्ति पर तैनात को-पायलट राजेश श्योराण शामिल थे।
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