बेटे का शव देख मूक बने पिता ने कहा,...सब खत्म हो गया। वहीं मृतक की मां के मुंह से यही निकला,...सब लुट गया। दरअसल मामला हिसार स्थित गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के हॉस्टल में बीटेक के फाइनल ईयर के छात्र की संदिग्ध हालत में खुदकुशी का है। छात्र का शव पंखे से लटका मिला। कमरे में सुसाइड नोट भी नहीं मिला। इससे छात्र के आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका।
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नौकरी के बावजूद बेटे ने उठाया ऐसा कदम, मां-बाप सन्न
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छात्र ने आत्महत्या से पहले अपने परिजनों से फोन पर बात की थी और उसके बाद शनिवार दोपहर बाद फोन बंद कर दिया था। इसके बाद से छात्र ने परिजनों से संपर्क नहीं किया। पुलिस ने पिता के बयान पर इत्तेफाकिया कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक छात्र विनीत सोनीपत के बागडू गांव का रहने वाला था।
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मृतक छात्र के पिता सिल्कराम ने पुलिस को बताया कि उसका बेटा विनीत बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग अंतिम वर्ष का छात्र था। उसने हॉस्टल में कमरा ले रखा था। 29 मई को उसके एग्जाम पूरे हो गए थे। 30 मई को उसे लेने के लिए वे यूनिवर्सिटी आए थे और सोनीपत लेकर चले गए थे। 10 जून को विनीत हॉस्टल के नो- ड्यूज संबंधी बात कहकर यूनिवर्सिटी वापस आया। वह हॉस्टल के कमरा नंबर 91 में ठहर गया।
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इस कमरे में तीन अन्य छात्र रहते थे जो छुट्टी होने के कारण घर चले गए थे। विनीत कमरे में अकेला था। शनिवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे विनीत की मां से बात हुई थी। तब विनीत ने घर के लिए कुछ समय में हॉस्टल से रवाना होने की बात कही थी। लेकिन दोपहर 12 बजे जब उसे फोन किया गया तो उसका फोन बंद आया। इसके बाद परिजनों को चिंता हुई तो वह रात 9 बजे के बाद जीजेयू पहुंच गए।
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देर रात तक परिजन सिक्योरिटी गार्ड के साथ मिलकर हॉस्टल में विनीत के कमरे पर गए। कमरे के गेट पर ताला लगा हुआ था। अंधेरे की वजह से कमरे के पीछे बनी बालकनी से विनीत के कमरे में कुछ दिखाई नहीं दिया। जिसके बाद हॉस्टल के अन्य कमरों की तलाशी ली गई । लेकिन उन्हें विनीत नहीं मिला। सुबह 9 बजे कमरे की खिड़की पर लगे कागजों को हटाया तो देखा विनीत का शव पंखे के हुक से लटका हुआ दिखाई दिया।
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फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट व चिकित्सकों के अनुसार विनीत को फांसी लगाए हुए 12 घंटे से ज्यादा का समय हो गया था। विनीत ने शनिवार सुबह साढ़े नौ बजे परिजनों से अंतिम बार बातचीत की। संभवत: इसी के बाद उसने फांसी लगाने का निर्णय लिया होगा। खुदकुशी के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया। विनीत पैरों में जूते पहने हुए था। जैसे वह कहीं जाने की तैयारी कर रहा हो। विनीत के पिता सिल्कराम ने बताया कि वे एयर फोर्स से सेवानिवृत्त हैं और बिजली निगम में काम करते हैं। विनीत इकलौता पुत्र था।
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उन्होंने बताया कि विनीत की एक बहन है जो पीएचडी कर रही है। विनीत ने कुछ समय पहले सीडीएस का टेस्ट क्लीयर किया था। इसके साथ ही उसकी कैंपस प्लेसमेंट के तहत गुड़गांव की एक निजी कंपनी में जॉब भी लग गई थी। लेकिन उसने अभी तक ज्वाइन नहीं किया था। शव देख विनीत की मां की तबीयत खराब हो गई और जीजेयू के गेस्ट हाउस ले जाया गया। वहीं विनीत के पिता ने पूरी तरह से चुप्पी साध ली और पुलिस के अलावा किसी से कोई बात नहीं की।