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'बहादुर' बहनें और 'छेड़ने वाले' जब हुए आमने-सामने

Sat, 21 Feb 2015 05:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
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रोडवेज बस में बहनों से कथित छेड़छाड़ और मारपीट मामले में नया मोड़ आ गया। दरअसल खाप पंचायतों के बाद अब राज्य महिला आयोग ने मामले में समझौते की पहल की है। शुक्रवार को आयोग ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया। यह पहला मौका रहा कि दोनों बहनें और तीनों आरोपी आमने-सामने आए।
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'बहादुर' बहनें और 'छेड़ने वाले' जब हुए आमने-सामने

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डीसी ऑफिस के कांफ्रेंस हॉल में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुमन दहिया ने दोनों पक्षों से अलग-अलग और फिर सभी को एक साथ ले जाकर बंद कमरे में बात की। डेढ़ घंटे मंथन के बाद भी मामला एक बार फिर माफी पर अटक गया है। लड़की पक्ष का कहना है कि वे मामले में सार्वजनिक माफी से कम किसी भी बात पर समझौता नहीं करेंगे।

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'बहादुर' बहनें और 'छेड़ने वाले' जब हुए आमने-सामने

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पूजा और आरती ने दावा किया कि लड़कों ने तो महिला आयोग के सामने बंद कमरे में शुक्रवार को भी माफी मांग ली, लेकिन हमें सार्वजनिक माफी से कम कुछ मंजूर नहीं है। वहीं, आरोपी युवक कुलदीप ने इस दावे को नकारते हुए कहा कि हम लड़कियों से माफी नहीं मागेंगे और कोर्ट में न्याय की लड़ाई लड़ेंगे। आयोग ने दोनों पक्षों को सोचने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।

'बहादुर' बहनें और 'छेड़ने वाले' जब हुए आमने-सामने

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शुक्रवार को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुमन दहिया ने महिला उत्पीड़न के 18 मामलों में सुनवाई की। उन्होंने इसी प्रक्रिया में बस में कथित छेड़छाड़ मामले में दोनों पक्षों को भी बुलाया। पहले आयोग ने थाना खुर्द निवासी दोनों बहनों पूजा और आरती के साथ अलग से कमरे में बात की। इसके बाद तीनों आरोपियों गांव आसन निवासी कुलदीप, मुकेश और मोहित से बात की।

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दोनों के परिजनों व वकीलों से बात की और बाद में लड़कों व दोनों बहनों को एक साथ बुलाकर बंद कमरे में समझौते का प्रयास किया। लेकिन दोनों बहनों ने आरोपी युवकों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की बात कही। इस पर लड़कों ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगने से इंकार कर दिया और वे बाहर आ गए। डेढ़ घंटे मंथन के बाद भी मामला सिरे नहीं चढ़ पाया।

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