एक्टर और टैगोर थिएटर के पूर्व डॉयरेक्टर कुलदीप शर्मा ने बताया कि ओम पुरी केनिधन से फिल्म जगत का बड़ा नुकसान हुआ हैं।
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ओमपुरी की अधूरी ख्वाहिश
दरअसल ओम पुरी मुंबई की भाग-दौड़ भरी जिंदगी से ऊब गए थे। इसलिए वे चंडीगढ़ जैसे खूबसूरत और शांत शहर में बसना चाहते थे। लेकिन उनकी यह हसरत पूरी नही हो पाई। शहर में बसने के इरादे से उन्होंने कई फ्लैट भी देखे थे।
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ओमपुरी की अधूरी ख्वाहिश
- फोटो : Twitter
यह खुलासा एक्टर और टैगोर थिएटर चंडीगढ़ के पूर्व डॉयरेक्टर कुलदीप शर्मा ने किया। उन्होंने बताया कि ओम पुरी के निधन से फिल्म जगत का बड़ा नुकसान हुआ हैं। उनके अुनसार ‘मैं 14 साल तक मुंबई में रहा। वहां पुरी से मिलना जुलना होता रहता था। वे मेरे दोस्त थे।
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ओमपुरी की अधूरी ख्वाहिश
ओमपुरी ने मेरे साथ ‘ पाजी इन पोब्लम’ में काम किया जिसकी शूटिंग चंडीगढ़ और आस पास पर हुई थी। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान ओम पुरी ने मुझसे कहा कि मुंबई की भाग- दौड़ भरी जिंदगी से ऊब गया हूं। इसीलिए चंडीगढ़ जैसे खूबसूरत और शांत शहर में बसना चाहता हूं। लेकिन उनकी यह हसरत पूरी नही हो पाई। शहर में बसने के इरादे से उन्होंने मेरे साथ शहर और जीरकपुर में कई फ्लैट भी देखे थे।’
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ओमपुरी की अधूरी ख्वाहिश
अपने आप पर भरोसा रख
सिटी के थिएटर आर्टिस्ट चक्रेश के अनुसार ओम पुरी से कभी मिलना तो नही हुआ लेकिन पंजाब यूनिवर्सिटी के इंडियन थिएटर डिपार्टमेंट में वह आते तो उस समय उनकेसाथ रही टीचर से उनके बारे में जरूर सुना है।
वह जब भी डिपार्टमेंट में आते तो स्टूडेंट्स से कहते अपने आप पर भरोसा रखो, मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती। आप की मेहनत कल रंग लाएगी। वर्ष 2015 में वह अपनी फिल्म ‘लो हो गया दिमाग का दही’ की प्रमोशन के सिलसिले में चंडीगढ़ प्रेस क्लब और चंडीगढ़ गोल्फ क्लब भी पहुंचे थे।