एशियन खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले और मेजर ध्यान चंद अवार्ड से सम्मानित एथलीट हाकम सिंह नहीं रहे। वे काफी समय से बीमार चल रहे थे। पंजाब के संगरूर में एक हॉस्पिटल में उन्होंने आखिरी सांस ली।
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एथलीट हाकम सिंह
हाकम सिंह अस्पताल में जिगर और गुर्दों की बीमारी के कारण उपचाराधीन थे। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाकम सिंह के इलाज के लिए 5 लाख रुपये जारी किए थे। मुख्यमंत्री ने इससे पहले प्रसिद्ध एथलीट के स्वास्थ्य पर चिंता प्रकट करते हुए ट्वीट भी किया। उन्होंने डिप्टी कमिश्नर को 1978 के बैंकाक एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता एथलीट से संपर्क करने को भी कहा था।
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एथलीट हाकम सिंह
एथलीट हाकम सिंह ने 1972 में 6 सिख रेजीमेंट में हवलदार के तौर पर भी देश की सेवा की और उन्हें 29 अगस्त, 2008 को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने मेजर ध्यानचंद अवार्ड से सम्मानित किया। 1981 में एक भयानक हादसे के बाद उनको अपना खेल छोड़ना पड़ा, जिससे उनके शानदार खेल करियर का अंत हो गया। साल 1987 में आर्मी से रिटायर हो गए। हालांकि साल 2003 में पंजाब सरकार ने उन्हें एथलीट कोच के तौर कॉन्स्टेबल के पद पर नियुक्त किया। साल 2014 में वो पंजाब पुलिस से भी रिटायर हो गए।
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एथलीट हाकम सिंह
खेल जगत को अलविदा कर गए एथलीट हाकम सिंह को श्रद्धांजली देने गांव भट्ठल पहुंचे उनके नजदीकी मित्र एवं नेटबॉल प्रोमोशन एसोसिएशन के महासचिव एडवोकेट करन अवतार कपिल का कहना है कि हाकम सिंह ने अपने इलाका ही नहीं पंजाब से लेकर विश्वभर में देश का नाम रौशन किया। खेलों को प्रोमोट किया। खिलाड़ियों को उत्साहित किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय खेलमंत्री राजवर्धन राठौर व भारतीय खेल जगत ने हाकम सिंह की अचानक मौत पर अफसोस प्रकट किया है।
हाकम सिंह को मुखाग्नि उनके दो सपुत्रों मनप्रीत सिंह व सुखजीत सिंह ने दी। इस मौके पर राज्य सरकार की ओर से पहुंचे कांग्रेसी नेता केवल सिंह ढिल्लों ने कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा भेजा हुआ पांच लाख की राषि का चेक भेंट किया। इस मौके पर उनके साथ डिप्टी कमिश्नर धर्मपाल गुप्ता, एसएसपी हरजीत सिंह, एडीसी रूही दुग्ग, एपीआरओ हरिंदर सिंह आदि शामिल थे।