बेटी का शव देखते ही बाप बिलख पड़े वो बोले 12 का बेरहम संयोग मेरी बेटी पर भारी पड़ गया। बकौल मृतक अमनदीप के पिता कुलबीर सिंह, जब अमनदीप 12वीं की पढ़ाई कर रही थी, उस समय भी आरोपी गुरमीत ने उसे शादी के लिए प्रपोज किया था, लेकिन अमनदीप ने उस समय भी उसे साफ इनकार कर दिया था। यह बात खुद अमनदीप ने ही हमें बताई थी। इतना कहते ही उनकी आंखों से आंसू बहना शुरू हो गए।
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कुलबीर ने बताया कि वह गांव के नंबरदार हैं और जिला फिरोजपुर से बीजेपी के बीसी सेल के प्रधान हैं। वह फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल में मंगलवार को बेटी का शव लेने के लिए पहुंचे हुए थे। उन्होंने कहा कि आखिर 12 का आंकड़ा ही उनकी बेटी के लिए जानलेवा साबित हुआ है। 12 जनवरी को ही आरोपी ने बेटी पर गोली चलाई।
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उन्होंने बताया कि उनकी बेटी शुरू से ही आरोपी को पसंद नहीं करती थी। वह लगातार कई बार उसे प्रपोज कर चुका था। उन्होंने बताया कि उनके दो बच्चे हैं, जिनमें बड़े बेटे मनप्रीत सिंह की शादी हो चुकी थी। जबकि बेटी दूसरे नंबर पर थी। उन्होंने कहा कि मेरी एक ही इच्छा है कि आरोपी को जल्दी काबू किया जाए। साथ ही आरोपी को इतनी कठोर सजा दी जाए ताकि दोबारा ऐसा करने की न सोचे।
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अमनदीप के पिता कुलबीर ने बताया कि सोमवार को दोपहर 3.33 पर उन्हें बेटी का फोन आया था, उस समय पशुओं को चारा डाल रहे थे और वे फोन नहीं उठा पाए। इसके बाद वह काम में ऐसे उलझे कि दोबारा उनकी बेटी से बात नहीं हो पाई।
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पिता कुलबीर ने बताया कि पुलिस ने उन्हें बताया है कि आरोपी ने जिस रिवॉल्वर से अमनदीप को मारा है। वह उसके बुआ के बेटे का था। आरोपी की बुआ भी फिरोजपुर में ही रहती है। जहां से वह रिवाल्वर लेकर आया था।
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कुलबीर ने बताया कि अमनदीप फेज-7 स्थित इंडस्ट्रियल एरिया स्थित सोलिटेयर कंपनी में ट्रेनिंग करने कुछ दिन पहले ही घर से आई थी। उन्होंने कहा कि अगर वह नहीं आती। तो शायद उसकी जान बच जाती। कुलबीर ने बताया कि अगले महीने 22 फरवरी को उनकी बेटी का जन्मदिन था। हर साल उसका जन्मदिन हम बड़ी धूमधाम से मनाते थे, लेकिन इस बार बस उसकी यादें रह गई है।
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अमनदीप के परिवार वाले दोपहर को बेटी का सामान लेने के लिए फेज-5 स्थित पीजी पहुंचे। जब वह कमरे से सामान उठा रहे थे तो उनकी आंखों से आंसू बह रहे थे। उनका कहना था कि बड़े सपने लेकर बेटी को भेजा था, लेकिन अब सब खत्म हो गया।
एसएसपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया पुलिस द्वारा आरोपी को पकड़ने के लिए विभिन्न टीमें गठित की हैं। टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि मौके से मिली दो गाड़ियों की पहचान हो गई। जब पुलिस यह पता करने में जुटी हुई है कि आखिर इनमें और कितने लोग मौजूद थे।