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राम रहीम को माफी, अकाल तख्त बैकफुट पर, जत्थेदार का ऐलान

Thu, 01 Oct 2015 07:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर/जालंधर
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डेरा मुखी को माफी दिए जाने पर विरोध झेलने के बाद अकाल तख्त बैकफुट पर आ गया है। अब जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने बड़ा ऐलान किया है।
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राम रहीम को माफी, अकाल तख्त बैकफुट पर, जत्‍थेदार का ऐलान

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जत्‍थेदार ने राम रहीम को माफी दिए जाने के अपने फैसले पर फिर से सोच विचार करने की बात कही है। इसके लिए कमेटी बिठाई जाएगी। जत्‍थेदार ने आपात बैठक बुलाकर यह ऐलान किया।
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बता दें कि 2007 में गुरमीत राम रहीम ने दशम गुरू श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की तरह ड्रेस पहनकर संगत को अमृतपान कराया था। उनकी इस हरकत का देशभर में विरोध हुआ। उस मामले में अकाल तख्त ने 8 साल बाद राम रहीम को माफी दी थी।

राम रहीम को माफी, अकाल तख्त बैकफुट पर, जत्‍थेदार का ऐलान

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इस माफीनामे का कहीं पर समर्थन हो रहा तो कहीं कड़ा विरोध हो रहा है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अकाल तख्त के फैसले को सही और जायज करार दिया है। जबकि दल खालसा, सिख छात्र संघ, अकाली दल पंच प्रधानी और सिख यूथ फेडरेशन इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने जत्‍थेदार को पद से हटाने की मांग भी की है।
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अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार जोगिंदर सिंह वेदांती और दमदमा साहिब के पूर्व जत्थेदार बलवंत सिंह नंदगढ़ का कहना है कि पांच सिंह साहिबानों को अकाल तख्त पर पेश कर सजा सुनाई जानी चाहिए।
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दूसरी ओर, एसजीपीसी हाउस ने एक प्रस्ताव पारित कर दुनिया भर के सिखों से इस हुकमनामे को मानने की अपील भी की गई है। इस अपील प्रस्ताव को एसजीपीसी अध्यक्ष अतवार सिंह मक्कड़ की ओर से हाउस के सामने पढ़कर सुनाया गया।
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वहीं, श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि डेरा सिरसा के मुखी को माफी पांच सिंह साहिबान की ओर से गहरी विचार चर्चा और गुरमति के रोशनी में ही दी गई है। यह माफी पंजाब की शांति और सिख कौम के लिए सही कदम है।
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