बुक के लॉन्च के सिलसिले में चंडीगढ़ पहुंचीं फिल्म अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे सेक्स एजूकेशन पर खुलकर बोलीं। देखिए, सवाल-जवाब।
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देखिए, सेक्स एजूकेशन पर कैसे खुलकर बोलीं सोनाली बेंद्रे?
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गौरतलब है कि सोनाली बेंद्रे की बुक 'द मॉडर्न गुरुकुल-माय एक्सपेरिमेंट्स विद पेरेंटिंग' में एजूकेशन सिस्टम में आए बदलावों के बारे में जिक्र किया गया है। कुछ बदलाव तो ऐसे थे, जिन्हें चाह कर भी बदला नहीं जा सकता।
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एजूकेशन सिस्टम में सेक्स एजुकेशन जरूरी है या नहीं? सवाल पर सोनाली बेंद्रे ने एक उदाहरण देकर समझाया। वे बोलीं कि एक दिन वे बहुत टेंशन में थीं तो बेटे के सामने मुंह से कुछ गलत निकल गया। बेटे ने मतलब पूछा तो उसे समझाया कि इसे सेक्स कहते हैं। ये तब सही है, जब प्यार भरा हो।
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सोनाली बेंद्रे कहती हैं कि बेटे की एजूकेशन में मां-बाप को क्या रोल अदा करना चाहिए, इसका जिक्र भी मैंने इस किताब में किया है। लर्निंग क्या होती है यह भी बताया है। साथ ही पिता के अपने बच्चों के प्रति क्या फर्ज हैं इस पर भी एक खास चैप्टर रखा है।
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सेक्टर 8 के टाइनी फीट्स जायंट लीप में पेरेंटिंग सेशन के दौरान बेंद्रे ने ट्राईसिटी की महिलाओं के सवालों के जवाब भी दिए। बातचीत का दौर चला तो किसी ने पूछा, क्या बच्चों को अच्छी परवरिश दे पाना मुश्किल काम है? जवाब में सोनाली बोलीं, 'मेरी कोशिश है कि मैं अपने बेटे को इंडिपेंडेंट बनाऊं।