फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

6 नवजात बच्चों का बना 'काल', ये कैसा अस्पताल?

Tue, 25 Nov 2014 10:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
विज्ञापन
1 of 14
पंजाब के लुधियाना के सिविल अस्पताल में नए खुले मदर-चाइल्ड केयर अस्पताल में 2 दिन में ही 6 बच्चों की मौत हो गई। इससे सेहत विभाग में हड़कंप मच गया है। सेक्रेटरी हेल्थ, डायरेक्टर हेल्थ और डिप्टी कमिश्नर की प्राथमिक जांच के बाद सेहत मंत्री सुरजीत कुमार ज्याणी ने काम में लापरवाही के चलते स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अलका मित्तल को सस्पेंड कर दिया है।
विज्ञापन

6 नवजात बच्चों का बना 'काल', ये कैसा अस्पताल?

2 of 14
अस्पताल के सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. आरके करकरा का ट्रांसफर करने का आदेश जारी कर दिया किया गया है। सेहत मंत्री ज्याणी ने सोमवार को सर्किट हाउस में आयोजित कांफ्रेंस में बताया कि विस्तृत जांच रिपोर्ट सात दिन में मांगी गई है। इस दौरान ज्याणी ने साफ किया है कि जांच के बाद हर आरोपी को सजा दी जाएगी।
विज्ञापन

6 नवजात बच्चों का बना 'काल', ये कैसा अस्पताल?

3 of 14
ज्याणी के अनुसार यदि किसी भी बच्चे की मौत में सरकार की गलती पाई जाती है तो उसके परिवार को एक लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। ज्याणी ने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर तीन बच्चे गर्भ में ही सांस नहीं ले रहे थे, जबकि दो बच्चों को बचाया जा सकता था, यहां पर डॉक्टर से चूक हुई है।

6 नवजात बच्चों का बना 'काल', ये कैसा अस्पताल?

4 of 14
सोमवार को भी अस्पताल में डिलीवरी के दौरान एक बच्चे की मौत हो गई। हेल्थ डायरेक्टर डॉ. जतिंदर कौर का कहना है कि बच्चा गर्भ में ही सांस नहीं ले रहा था, इन हालत में मां को बचाना प्राथमिकता रहती है।  स्वास्थ्य मंत्री ज्याणी ने घटना के बाद कहा कि अब तक जितना भी काम सेहत विभाग की बेहतरी के लिए सरकार ने किया है, उससे ज्यादा की बदनामी हो गई है।
विज्ञापन

6 नवजात बच्चों का बना 'काल', ये कैसा अस्पताल?

5 of 14
पत्रकारों के सवालों की बौछार पर ज्याणी बोले जिन्ने मर्जी सवाल पुच्छो, पर साडी इज्जत बचाओ। उन्होंने कहा कि प्राथमिक जांच में पाया गया कि डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंची थी। लुधियाना के सिविल अस्पताल में प्रति माह 550 डिलीवरी की जा रही हैं। पूरे पंजाब में 53 फीसदी डिलीवरी सरकारी अस्पतालों में की जा रही हैं।
विज्ञापन

6 नवजात बच्चों का बना 'काल', ये कैसा अस्पताल?

6 of 14
ज्याणी ने कहा कि 24 घंटे में अस्पताल के स्टाफ ने 20 महिलाओं की डिलीवरी की है। ज्याणी ने कहा कि डॉक्टरों की कमी को तुरंत दूर किया जाएगा, अगले दो तीन माह में चार सौ से अधिक डॉक्टर भर्ती किए जाएंगे। इससे पहले रविवार को मदर-चाइल्ड केयर अस्पताल में डिलीवरी के दौरान पांच नवजातों की मौत हो गई थी।
विज्ञापन

6 नवजात बच्चों का बना 'काल', ये कैसा अस्पताल?

7 of 14
पांच नवजातों की मौतसे भड़के परिजनों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन किया। डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों को गंभीर हालत में लाया गया था। इस सौ बेड के अस्पताल का 21 नवंबर को सेहत मंत्री सुरजीत कुमार ज्याणी ने उद्घाटन किया था। उस समय उन्होंने यह दावा भी किया कि अस्पताल में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

6 नवजात बच्चों का बना 'काल', ये कैसा अस्पताल?

8 of 14
गांव मांगट की सरबजीत कौर के परिजनों ने आरोप लगाया कि सरबजीत को शनिवार को अस्पताल में दाखिल कराया गया था। डॉक्टर ने सभी जांच रिपोर्ट चेक करके सब कुछ ठीक होने की बात कही थी लेकिन रविवार को डिलीवरी के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बच्चे की मौत की खबर दी। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने सरबजीत का ठीक से इलाज नहीं किया।

6 नवजात बच्चों का बना 'काल', ये कैसा अस्पताल?

9 of 14
शनिवार रात अस्पताल में दाखिल हुई गांव अयाली कलां की वंदना के परिजनों ने आरोप लगाया कि रविवार को जब डॉक्टर वंदना को देखने पहुंचीं तो उन्होंने स्वयं डॉक्टर से कहा कि यदि जरूरत हो तो वंदना का ऑपरेशन कर दें। लेकिन डॉक्टर नार्मल डिलीवरी के लिए इंतजार करती रही और उनके घर का चिराग बुझ गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर की कोताही के कारण उनके बच्चे की मौत हुई है।

6 नवजात बच्चों का बना 'काल', ये कैसा अस्पताल?

10 of 14
गांव चौंता की वीना के परिजनों ने कहा कि शनिवार देर रात उन्होंने वीना को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया था। नया अस्पताल अच्छा बना होने के कारण वह उसे यहां ले आए थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि अस्पताल में इतनी लापरवाही बरती जाएगी। परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्चे की मौत की बात नर्स ने उन्हें काफी देर में बताई।

6 नवजात बच्चों का बना 'काल', ये कैसा अस्पताल?

11 of 14
गर्भवती महिला जसविंदर कौर के परिजनों का कहना है कि रविवार सुबह करीब साढ़े तीन बजे अधिक दर्द होने पर जसविंदर को अस्पताल में दाखिल कराया था। अस्पताल में मौजूद स्टाफ ने जसविंदर को ग्लूकोस लगाकर बेड तो दे दिया लेकिन काफी देर तक डॉक्टर देखने तक नहीं पहुंचे। लंबे इंतजार के बाद पहुंची डॉक्टर ने आपरेशन की बात कही लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

6 नवजात बच्चों का बना 'काल', ये कैसा अस्पताल?

12 of 14
पंजाब के लुधियाना के सिविल अस्पताल में नए खुले मदर-चाइल्ड केयर अस्पताल में 2 दिन में ही 6 बच्चों की मौत हो गई। इससे सेहत विभाग में हड़कंप मच गया है। सेक्रेटरी हेल्थ, डायरेक्टर हेल्थ और डिप्टी कमिश्नर की प्राथमिक जांच के बाद सेहत मंत्री सुरजीत कुमार ज्याणी ने काम में लापरवाही के चलते स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अलका मित्तल को सस्पेंड कर दिया है।

6 नवजात बच्चों का बना 'काल', ये कैसा अस्पताल?

13 of 14
अस्पताल के सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. आरके करकरा का ट्रांसफर करने का आदेश जारी कर दिया किया गया है। सेहत मंत्री ज्याणी ने सोमवार को सर्किट हाउस में आयोजित कांफ्रेंस में बताया कि विस्तृत जांच रिपोर्ट सात दिन में मांगी गई है। इस दौरान ज्याणी ने साफ किया है कि जांच के बाद हर आरोपी को सजा दी जाएगी।
विज्ञापन

6 नवजात बच्चों का बना 'काल', ये कैसा अस्पताल?

14 of 14
अस्पताल में रविवार शाम करीब साढ़े सात बजे देतवाल की मंदीप कौर के सीजेरियन आपरेशन के दौरान उनके बच्चे की मौत हो गई। मरीजों के परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल के डॉक्टर इलाज में काफी कोताही इस्तेमाल करते हैं। गायनोकोलोजिस्ट डॉ. अलका मित्तल ने मरीजों के परिजनों के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा था कि जब मरीज अस्पताल में दाखिल हुए तब सभी की हालत काफी नाजुक थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें