सिखों के प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी ने महिलाओं के सम्मान में कहा था कि ‘सो क्यों मंदा आखिए, जित जम्मे राजान...’ यानी उन्हें क्यों कम आंके जिन्होंने राजाओं को जन्म दिया। बाबा नानक के यह शब्द पंजाब के सुल्तानपुर लोधी में पूरी तरह से सार्थक दिखते हैं। सिख धर्म के संस्थापक श्री गुरु नानक देव जी के 551वें प्रकाश पर्व के बेहतर प्रबंधन का जिम्मा जिले की तीन महिला अधिकारियों के कंधों पर रहा।
कपूरथला की डिप्टी कमिश्नर दीप्ति उप्पल प्रशासनिक तौर पर ओवरऑल प्रबंधों की मॉनिटरिंग कर रही हैं। वहीं लॉ एंड आर्डर की जिम्मेदारी एसएसपी कपूरथला कंवरदीप कौर आईपीएस ने संभाल रखी थी। सुल्तानपुर लोधी में सब-डिवीजन स्तर एसडीएम डॉ. चारूमिता ने इतने बड़े आयोजन को संर्पूणता की ओर ले जाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। ये तीनों अधिकारी पिछले लगभग 10 दिनों से संगत की सुरक्षा, पेयजल व शौचालय समेत हरेक छोटी-बड़ी सुविधा के लिए खुद फील्ड में उतरी हुई थीं।
2011 बैच की आईएएस अधिकारी डीसी कपूरथला दीप्ति ने कहा कि कोविड-19 की वजह से स्वास्थ्य स्थितियों की परेशानी के बीच प्रकाश पर्व समागमों में हेल्थ गाइडलाइंस का पालन करवाना चुनौतीपूर्ण था। इसके लिए करीब 50 हजार मास्क बांटे गए और 50 हैंड वाश क्यूसिक और सैनिटाइजर लगवाए गए थे। प्रकाश पर्व को सफल बनाने में हरेक अधिकारी व कर्मचारी का सहयोग भी काबिले-तरीफ रहा।
2013 बैच की आईपीएस कंवरदीप कौर ने हाल ही में एसएसपी कपूरथला का चार्ज संभाला है। एसएसपी ने बताया कि 24 घंटे सुरक्षा प्रबंधों की नजरसानी के लिए करीब 2000 पुलिस कर्मी तैनात किए गए, वहीं सीसीटीवी व विशेष जांच टीमें भी लगाई गई। आवागमन को सुचारू रखने के लिए सुल्तानपुर लोधी को आने वाले मार्गों पर छह पार्किंग की व्यवस्था की गई थी।
सुल्तानपुर लोधी की एसडीएम डॉ. चारूमिता।
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2013 बैच की पीसीएस अधिकारी एसडीएम सुल्तानपुर लोधी डा. चारूमिता ने कहा कि करीब चार लाख की संख्या में संगत को गुरु घर में नतमस्तक होना था। सुल्तानपुर लोधी में सफाई व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती थी। इस काम को बेहतर तरीके से पूरा करने में नगर काउंसिल आदमपुर, भोगपुर, शाहकोट, नकोदर, टांडा, दसूहा, नडाला और अन्य कस्बों से 550 सफाई सेवकों की मदद ली गई। वहीं काली बेईं के किनारे कोई अप्रिय घटना न घटे, इसके लिए 20 से ज्यादा गोताखोर तैनात किए गए थे।