शहर चुनें

अपना शहर चुनें

Top Cities
States

उत्तर प्रदेश

दिल्ली

उत्तराखंड

हिमाचल प्रदेश

जम्मू और कश्मीर

पंजाब

हरियाणा

विज्ञापन

FD या शेयर बाजार नहीं, बल्कि यहां निवेश कर लोग कमा रहे हैं लाखों रुपये

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Wed, 18 Sep 2019 09:17 AM IST
1 of 4
पीपीएफ, एफडी जैसे निवेश के पारंपरिक साधनों से इतर बेहतर रिटर्न के लिए अक्सर लोग शेयर बाजार का रुख करते हैं। पिछले कुछ महीनों से बाजार में जारी गिरावट से निवेशकों का मोहभंग होने लगा है और वे सुरक्षित निवेश के लिए सिस्टमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के तहत म्यूचुअल फंड में पैसे लगा रहे हैं। 

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड इन इंडिया (एम्फी) के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में अभी तक निवेशकों ने 9.39 लाख एसआईपी खाते हर महीने खुलवाए हैं। इन पांच महीनों (अप्रैल-अगस्त) में एसआईपी से कुल निवेश 41,098 करोड़ रुपये का हो गया है, जो एक साल पहले की समान अवधि में 36,760 करोड़ था। एम्फी का कहना है कि अगस्त से लेकर पिछले 12 महीनों के दौरान हर महीने एसआईपी में औसतन 8,000 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। पिछले कुछ वर्षों से एसआईपी में निवेश लगातार बढ़ रहा है। 2018-19 में जहां एसआईपी के जरिये 92,700 करोड़ का निवेश हुआ, वहीं 2017-18 में 67,000 करोड़ और 2016-17 में 43,900 करोड़ का निवेश हुआ था। अभी एसआईपी में कुल 2.81 करोड़ खाते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में।
 
विज्ञापन

2 of 4

500 रुपये शुरू कर सकते हैं निवेश

एसआईपी में निवेश के लिए न्यूनतम 500 रुपये से शुरुआत की जा सकती है। इसमें आप जब चाहें अपनी सुविधानुसार निवेश की राशि बढ़ा सकते हैं। एसआईपी में अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। चूंकि, यह आपको हर महीने भुगतान का विकल्प देता है, जिससे आप पर बोझ नहीं पड़ता है। इसकी किस्त सीधे आपके बैंक खाते से कट जाती है, जिससे आपको तारीख याद रखने की मशक्कत नहीं करनी पड़ती है। इस राशि पर कंपाउंडिंग रिटर्न मिलता है, जिससे एक छोटी रकम भी कुछ समय बाद बड़ी राशि में बदल जाती है। 
 

यह भी पढ़ें: अमीरों की तरह आप भी रोजाना 19 रुपये का निवेश कर कमाएं दो करोड़ रुपये, बेहद लाभदायक है ये प्लान

3 of 4

जब चाहें निकाल सकते हैं पैसा

एफडी या अन्य पारंपरिक निवेश के विकल्पों में परिपक्वता अवधि पर ही अपना पैसा निकाल सकते हैं, लेकिन एसआईपी में निवेशक जब चाहे अपनी बचत में से पैसे निकाल सकता है। इसका एसआईपी पर कोई असर नहीं पड़ेगा और वह चलती रहेगी। इसके अलावा निवेशक एसआईपी को जब तक चाहे चला सकता है, इसकी कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं होती है। हालांकि, वह जब चाहे इसे बंद भी कर सकता है, इसके लिए किसी जुर्माने या शुल्क का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा जब निवेश जब चाहे अपनी स्टेटमेंट और निवेश का मूल्य जान सकता है। 

4 of 4

ये हैं सबसे पसंदीदा एसआईपी म्यूचुअल फंड

चालू वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों में म्यूचुअल फंडों ने जिन पांच शेयरों पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है, उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप पर है। इसमें कुल इस दौरान कुल 6,260 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। इसके बाद एचडीएफसी में 1,890 करोड़ रुपये डाले गए हैं, जबकि एचडीएफसी बैंक में 1,660 करोड़ का निवेश हुआ है। चौथे नंबर पर टीसीएस है, जिसमें निवेशकों ने पांच महीने में 1,190 करोड़ रुपये डाले हैं। अवेन्यू सुपरमार्ट पर भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और इसमें कुल 970 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है।
विज्ञापन

Recommended Videos

Next
Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।