इस बहुराष्ट्रीय रिटेल कंपनी का सफर 1962 में अमेरिकी राज्य अरकंसास के रोजर्स शहर में एक स्टोर से हुआ था। अब यह दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी बन चुकी है जिसका सालाना राजस्व (2017 में 485.14 अरब डॉलर) नाइजीरिया जैसे देशों के जीडीपी से ज्यादा है। यह 23 लाख लोगों को रोजगार देती है और इसके सभी स्टोरों का कुल आकार एक अरब वर्ग फुट से ज्यादा है।
अमेरिका में इसके लगभग पांच हजार स्टोर हैं जबकि विदेशों में छह हजार से ज्यादा। यह भारत के नौ राज्यों में मालिकाना हक के साथ 21 स्टोरों का संचालन करती है जो कैश एंड कैरी सिस्टम पर चलते हैं। इसका बंगलूरू में एक ग्लोबल रिसोर्स सेंटर और टेक्नोलॉजी सेंटर है, जिसमें 1200 इंजीनियर काम करते हैं। यह ग्लोबल रिसोर्स सेंटर दर्जन भर विदेशी बाजारों के लिए यहां से गैर-खाद्य पदार्थों की खरीद करता है।