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Halwa Ceremony: बजट पेश होने से पहले क्यों मनाई जाती है हलवा सेरेमनी, क्या है परंपरा का महत्व? जानें सबकुछ

Fri, 23 Jan 2026 03:02 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Halwa Ceremony Budget 2026: केंद्रीय बजट पेश होने से ठीक पहले वित्त मंत्रालय की ओर से हर साल हलवा समारोह का आयोजन किया जाता है। हलवा समारोह के जरिए यह संकेत दिया जाता है कि बजट को अंतिम रूप दे दिया गया है और उसकी छपाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आइए जानते हैं कि इस परंपरा का क्या महत्व है और यह क्यों खास मानी जाती है।

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हलवा सेरेमनी - फोटो : Amar Ujala
Halwa Ceremony: केंद्रीय बजट से पहले हर साल वित्त मंत्रालय में एक खास परंपरा निभाई जाती है, जिसे हलवा सेरेमनी कहा जाता है। यह समारोह केंद्रीय वित्त मंत्री की मौजूदगी में नॉर्थ ब्लॉक में आयोजित होता है और बजट तैयार करने की अंतिम प्रक्रिया की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। हलवा सेरेमनी दरअसल बजट तैयार करने की 'लॉक-इन' प्रक्रिया शुरू होने से पहले आयोजित की जाती है। इसका मतलब यह होता है कि बजट को अंतिम रूप दे दिया गया है और अब इसकी छपाई का काम शुरू होने जा रहा है।
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हलवा समारोह - फोटो : amarujala.com

हलवा सेरेमनी का उद्देश्य क्या है?

वित्त मंत्रालय द्वारा आयोजित इस समारोह का मुख्य उद्देश्य बजट तैयार करने में जुटे अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करना होता है। बजट विभाग से जुड़े अधिकारी संसद में बजट पेश होने तक अपने परिवार और बाहरी दुनिया से संपर्क नहीं कर सकते। ऐसे में सरकार उनकी मेहनत को सम्मान देने के लिए हलवा सेरेमनी आयोजित करती है। यह समारोह यह भी संकेत देता है कि देश के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक दस्तावेज केंद्रीय बजट की तैयारी पूरी हो चुकी है।
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हलवा समारोह - फोटो : amarujala.com

कैसे मनाई जाती है हलवा सेरेमनी?

कहा जाता है लंबे समय तक चलने वाली बजट बनाने की प्रक्रिया की समाप्ति के बाद मीठा खाकर बजट की छपाई को औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाई जाती है। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों को हलवा परोसा जाता है। यह समारोह वित्त मंत्रालय के नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में आयोजित होता है, जहां बजट की छपाई के लिए विशेष प्रिंटिंग प्रेस मौजूद है।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

 बजट प्रक्रिया में इतनी गोपनीयता क्यों?

बजट पेश होने से पहले कुछ दिनों तक वित्त मंत्रालय के अधिकारी और कर्मचारी नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में ही रहते हैं। इस दौरान पूरी गोपनीयता बरती जाती है।
  • अधिकारियों को बाहरी दुनिया से संपर्क की अनुमति नहीं होती है।
  • मोबाइल फोन और अन्य संचार साधनों पर प्रतिबंध रहता है।
  • सीसीटीवी और जैमर से निगरानी होती है।
  • खुफिया एजेंसियों की 24×7 निगरानी रहती है।
यह व्यवस्था इसलिए की जाती है ताकि बजट से जुड़ी कोई भी जानकारी लीक न हो सके।
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निर्मला सीतारमण - फोटो : PTI

इतिहास से जुड़ा दिलचस्प तथ्य

बताया जाता है कि 1950 तक बजट दस्तावेज की छपाई राष्ट्रपति भवन में होती थी। लेकिन उसी वर्ष बजट लीक होने के बाद इसे पहले मिंटो रोड और बाद में नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में स्थानांतरित कर दिया गया। इसके बाद से बजट की छपाई स्थायी रूप से यहीं होने लगी।

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