आजादी के बाद जब देश नई शुरुआत कर रहा था, तब बजट सिर्फ आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि उम्मीदों का खाका था। हर वित्त मंत्री ने अपने दौर की चुनौतियों जैसे कभी युद्ध, कभी सुधार और कभी वैश्विक मंदी का जवाब अपने बजट से दिया। इस खबर में 1947 से 2026 तक भारत के वित्त मंत्रियों और बजट के ऐतिहासिक सफर की पूरी जानकारी पढ़ें...
भारतीय अर्थव्यवस्था की 75 वर्षों से अधिक की यात्रा में केंद्रीय बजट केवल आमदनी और खर्चे का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज रहा है। जैसा कि देश वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आर्थिक प्रगति का आकलन कर रहा है, यह समझना भी जरूरी है कि 1947 से लेकर 2026 तक भारत की अर्थव्यवस्था की नींव कैसे तैयार हुई? किन-किन दिग्गजों ने भारत के वित्त मंत्री की भूमिका निभाई और अर्थव्यवस्था को मौजूदा स्तर तक पहुंचाने में अपना क्या योगदान दिया।
देश का पहला बजट नवंबर 1947 में पेश किया गया
आजादी के ठीक बाद भारत के सामने पहाड़ जैसी आर्थिक चुनौतियां थीं। देश का पहला बजट नवंबर 1947 में पेश किया गया था। यह वह ऐतिहासिक क्षण था जिसने स्वतंत्र भारत की वित्तीय नीतियों की आधारशिला रखी। तब से लेकर 2026 तक की इस लंबी यात्रा में कई वित्त मंत्रियों ने अपनी नीतियों से भारत को एक वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने में अहम योगदान दिया है। आइए एक-एक करके उनके बारे में जानते हैं...
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बजट 2026
- फोटो : amarujala.com
आरके शनमुखम चेट्टी देश के पहले वित्त मंत्री थे। उनके बाद एक महीने तक केसी नियोगी ने कमान संभाली।