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जरूरी खबर: छह दिनों बाद बदल जाएगा एलपीजी सिलिंडर का नियम, जान लें वरना नहीं मिलेगी डिलीवरी

Mon, 26 Oct 2020 04:34 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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LPG gas cylinder - फोटो : pixabay
आज से छह दिनों बाद यानी एक नवंबर 2020 से देश में रसोई गैस सिलिंडर (LPG) से जुड़ा एक अहम नियम बदलने वाला है। अगले माह से गैस सिलिंडर की होम डिलीवरी की प्रक्रिया बदल जाएगी। इसके लिए वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) जरूरी हो जाएगा। इस सिस्टम को डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) का नाम दिया गया है।
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LPG gas cylinder - फोटो : pixabay
ऐसा करने पर ही मिलेगा रसोई गैस सिलिंडर
यानी अब सिर्फ बुकिंग कराने पर आपको सिलिंडर की डिलीवरी नहीं मिलेगी। इसके लिए आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक कोड भेजा जाएगा, उस कोड को आपको डिलीवरी ब्वाय को बताना होगा। ऐसा करने पर ही ग्राहकों को रसोई गैस सिलिंडर मिलेगा। इसलिए अगर किसी ग्राहक का मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड नहीं है, तो वे एप के जरिए अपना नंबर अपडेट करवा सकते हैं। यह एप डिलीवरी ब्वाय के पास भी उपलब्ध होगा। नंबर अपडेट कराने के बाद कोड जनरेट हो जाएगा।
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LPG gas cylinder - फोटो : pixabay
इन ग्राहकों की बढ़ेंगी दिक्कतें
इस व्यवस्था से ऐसे लोगों को थोड़ी असुविधा हो सकती है, जिन्होंने पेट्रोलियम कंपनी के साथ अपना मोबाइल नंबर अपडेट नहीं कराया है। नए नियम से जिन ग्राहकों ने अपना पता और मोबाइल नंबर गलत दर्ज कराया हुआ है, उन्हें दिक्क हो सकती है। गलत जानकारी के चलते उनकी डिलीवरी रोकी जा सकती है। यह सिस्टम कमर्शियल सिलिंडर पर लागू नहीं होगा। इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि गैस की डिलीवरी किसी गलत व्यक्ति को नहीं हुई है। 

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रसोई गैस का सिलिंडर - फोटो : iStock
इसलिए उठाया गया कदम
गैस सिलिंडर की चोरी रोकने के लिए और ग्राहकों की पहचान के लिए कंपनियां डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड सिस्टम शुरू कर रही हैं। शुरुआत में यह 100 स्मार्ट सिटी में लागू होगा। जयपुर में इसका पायलट प्रोजेक्ट पहले से ही चल रहा है। बाद में इस व्यवस्था को अन्य शहरों में लागू किया जाएगा।
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LPG cylinder - फोटो : अमर उजाला
सरकार देती है गैस सिलिंडर पर सब्सिडी
मौजूदा समय में सरकार एक वर्ष में प्रत्येक घर के लिए 14.2 किलोग्राम के 12 सिलिंडरों पर सब्सिडी प्रदान करती है। अगर ग्राहक इससे ज्यादा सिलिंडर लेना चाहते है, तो वे उन्हें बाजार मूल्य पर खरीदते हैं। गैस सिलिंडर की कीमत हर महीने बदलती है। इसकी कीमत औसत अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और विदेशी विनिमय दरों में बदलाव जैसे कारक निर्धारित करते हैं।
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