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Budget 2026: भारत के बजट का इतिहास, 'ब्लैक बजट' से लेकर 'ड्रीम बजट' तक, जानिए दिलचस्प बातें

Sun, 01 Feb 2026 06:26 AM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Indian Budget History Facts: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट संसद में पेश करेंगी। केंद्रीय बजट सिर्फ सरकार का आर्थिक दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह आम लोगों की उम्मीदों, सरकार की नीतियों और देश की अर्थव्यवस्था की दिशा को तय करने वाला सबसे अहम फैसला होता है। आइए, भारत के बजट से जुड़े कुछ रोचक और ऐतिहासिक पहलुओं पर नजर डालते हैं।
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बजट 2026 - फोटो : Amar Ujala
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह बजट देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला अहम दस्तावेज माना जा रहा है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के अनुसार हर वित्तीय वर्ष की शुरुआत से पहले बजट पेश किया जाता है। बजट में सरकार की आय और खर्च का पूरा विवरण होता है। भारत में वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होकर अगले वर्ष 31 मार्च तक चलता है।
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बजट शब्द कहां से आया - फोटो : Amar Ujala

'बजट' शब्द की उत्पत्ति

'बजट' शब्द फ्रेंच भाषा के शब्द 'Bougette' से आया है, जिसका अर्थ है छोटा बैग। यह शब्द लैटिन भाषा के 'Bulga' से निकला है, जिसका अर्थ है चमड़े का थैला। प्राचीन काल में व्यापारी अपने वित्तीय दस्तावेज थैले में रखते थे। धीरे-धीरे यह शब्द आर्थिक हिसाब-किताब से जुड़ गया। और सरकार के सालाना आर्थिक लेखे-जोखे को 'बजट' कहा जाने लगा।
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बजट से जुड़ी रोचक बातें - फोटो : Amar Ujala

भारत का पहला बजट

भारत का पहला बजट 7 अप्रैल 1860 को पेश किया गया। 1857 की क्रांति के महज तीन साल बाद इसे स्कॉटिश अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ जेम्स विल्सन ने ईस्ट इंडिया कंपनी की ओर से ब्रिटिश क्राउन के समक्ष पेश किया था। शुरुआती 30 वर्षों तक बजट में 'इंफ्रास्ट्रक्चर' शब्द का उल्लेख नहीं था। यह शब्द पहली बार 20वीं सदी की शुरुआत में बजट में शामिल हुआ। 

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बजट से जुड़ी रोचक बातें - फोटो : Amar Ujala

आजाद भारत का पहला बजट

स्वतंत्र भारत का पहला बजट 16 नवंबर 1947 को पेश किया गया। इसे देश के पहले वित्त मंत्री आरके शनमुखम चेट्टी ने प्रस्तुत किया। यह बजट अर्थव्यवस्था की समीक्षा रिपोर्ट जैसा था। इसमें कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया। कुल बजट का लगभग 46% यानी करीब 92.74 करोड़ रुपये रक्षा सेवाओं के लिए निर्धारित किया गया।
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बजट - फोटो : Amar Ujala

बजट और एक वैज्ञानिक का क्या संबंध है?

स्वतंत्र भारत के बजट की अवधारणा प्रो. प्रशांत चंद्र महालनोबिस ने तैयार की थी। वे प्रसिद्ध वैज्ञानिक और सांख्यविद् थे। उन्होंने कैंब्रिज विश्वविद्यालय से भौतिकी और गणित की शिक्षा ली थी। आर्थिक योजना और सांख्यिकी में योगदान के सम्मान में उनके जन्मदिन 29 जून को हर साल 'सांख्यिकी दिवस' मनाया जाता है।
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बजट से जुड़ी रोचक बातें - फोटो : Amar Ujala

जब पेश होने से पहले लीक हुआ बजट

1950 में केंद्रीय बजट संसद में पेश होने से पहले लीक हो गया था। इसके बाद बजट की छपाई राष्ट्रपति भवन से मिंटो रोड प्रेस में स्थानांतरित की गई। 1980 से बजट की छपाई नॉर्थ ब्लॉक स्थित सरकारी प्रेस में होने लगी।
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बजट से जुड़ी रोचक बातें - फोटो : Amar Ujala

हिंदी में बजट पेश होने की शुरुआत कब हुई?

पहले बजट के दस्तावेज केवल अंग्रेजी में प्रकाशित होते थे। 1955-56 से बजट दस्तावेज हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रकाशित होने लगे।


 

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बजट से जुड़ी रोचक बातें - फोटो : Amar Ujala

तीन प्रधानमंत्री जिन्होंने बजट पेश किया

तीन भारतीय प्रधानमंत्रियों ने खुद बजट पेश किया:
  • जवाहरलाल नेहरू (1958-59)
  • इंदिरा गांधी (1970-71) , पहली महिला प्रधानमंत्री जिन्होंने बजट पेश किया। 
  • राजीव गांधी (1987-88)

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बजट से जुड़ी रोचक बातें - फोटो : Amar Ujala

सबसे ज्यादा बजट पेश करने का रिकॉर्ड

  • मोरारजी देसाई - 10 बार
  • पी. चिदंबरम - नौ बार
  • प्रणब मुखर्जी - आठ बार
  • यशवंत सिन्हा - आठ बार
  • मनमोहन सिंह - छह बार
निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को लगातार नौवीं बार बजट पेश करेंगी।
 

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बजट से जुड़ी रोचक बातें - फोटो : Amar Ujala

किसे कहा गया 'ब्लैक बजट' ?

इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान 1973-74 के बजट को 'ब्लैक बजट' कहा जाता है। इसे वित्त मंत्री यशवंतराव बी. चव्हाण ने पेश किया था। यह बजट 550 करोड़ रुपये के घाटे का था। यह उस समय का सबसे बड़ा बजट घाटा था। 1971 के युद्ध और खराब मानसून का असर बजट पर पड़ा था।

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बजट से जुड़ी रोचक बातें - फोटो : Amar Ujala

आर्थिक उदारीकरण का बजट

  • 24 जुलाई 1991 को मनमोहन सिंह ने ऐतिहासिक बजट पेश किया।
  • इस बजट से लाइसेंस राज खत्म हुआ।
  • भारतीय बाजार दुनिया के लिए खुला।
  • विदेशी निवेश को बढ़ावा मिला।
  • यहीं से आधुनिक भारतीय अर्थव्यवस्था की शुरुआत हुई।

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बजट से जुड़ी रोचक बातें - फोटो : Amar Ujala

पहला मिलेनियम बजट किसने पेश किया?

2000-01 का बजट यशवंत सिन्हा ने पेश किया। इसे 'मिलेनियम बजट' कहा गया। इस बजट ने भारत के आईटी सेक्टर में क्रांति की नींव रखी।
 

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बजट से जुड़ी रोचक बातें - फोटो : Amar Ujala

क्या है बजट पेश करने का समय और तारीख?

पहले बजट शाम 5 बजे पेश होता था। यह परंपरा ब्रिटिश शासन से चली आ रही थी। 2001 में यशवंत सिन्हा ने इसे सुबह 11 बजे कर दिया। आगे चलकर मोदी सरकार ने बजट की तारीख 28 फरवरी से बदलकर 1 फरवरी कर दी।

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बजट से जुड़ी रोचक बातें - फोटो : Amar Ujala

पेपरलेस बजट की शुरुआत कब से हुई?

2021 में कोरोना महामारी के कारण पहली बार पेपरलेस बजट पेश किया गया। बजट की सभी प्रतियां डिजिटल रूप में उपलब्ध कराई गईं। निर्मला सीतारमण ने ब्रीफकेस की परंपरा भी खत्म की। अब वे बही-खाता जैसी दिखने वाली डिजिटल टैबलेट और बैग का उपयोग करती हैं।

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बजट से जुड़ी रोचक बातें - फोटो : Amar Ujala

सबसे लंबा बजट भाषण किसने दिया?

निर्मला सीतारमण का 2021 का बजट भाषण सबसे लंबा था  2 घंटे 40 मिनट। उन्होंने 2020 में दिए अपने ही 2 घंटे 17 मिनट के भाषण का रिकॉर्ड तोड़ा। 

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बजट से जुड़ी रोचक बातें - फोटो : Amar Ujala

रेल बजट और आम बजट का विलय

पहले रेल बजट और आम बजट अलग-अलग पेश होते थे। 2016 में सरकार ने दोनों को मिलाने का फैसला किया। 1 फरवरी 2017 को पहला संयुक्त बजट पेश हुआ। रेल बजट की परंपरा 1924 में शुरू हुई थी।

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बजट से जुड़ी रोचक बातें - फोटो : Amar Ujala

किसने पेश किया 'ड्रीम बजट'?

1997-98 में पी. चिदंबरम द्वारा पेश बजट को 'ड्रीम बजट' कहा गया। इसमें व्यक्तिगत और कॉरपोरेट टैक्स में बड़ी कटौती की गई थी।
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बजट से जुड़ी रोचक बातें - फोटो : Amar Ujala

 'हलवा सेरेमनी' की परंपरा

बजट की छपाई पूरी होने के बाद वित्त मंत्रालय में एक खास परंपरा निभाई जाती है। इसे 'हलवा सेरेमनी' कहा जाता है। इस मौके पर बड़े बर्तनों में हलवा तैयार किया जाता है। वित्त मंत्री बजट से जुड़े कर्मचारियों को हलवा बांटती हैं। यह परंपरा बजट प्रक्रिया की गोपनीयता शुरू होने का प्रतीक होती है। 2020 में कोरोना महामारी के कारण हलवा सेरेमनी नहीं हुई। उस वर्ष कर्मचारियों को हलवा की जगह मिठाइयां वितरित की गईं।

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