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Pay Commission: सात आयोगों के बाद ₹50 से ₹18 हजार पहुंचा न्यूनतम वेतन; हर बार बढ़ा जीवन की गुणवत्ता का स्तर

Fri, 17 Jan 2025 07:49 AM IST
अभिषेक दीक्षित बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा कर दी है। हालांकि, अभी कर्मचारी संगठन इस संबंध में 'टर्म आफ रेफरेंस' का इंतजार कर रहे हैं। आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें एक जनवरी 2026 से लागू होंगी। मतलब, अगले वर्ष से वेतनमान रिवाइज होंगे। 
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वेतन आयोग - फोटो : Amar Ujala
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आठवें वेतन आयोग की मंजूरी के साथ अनुमान लगाया जा रहा है कि केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में 186 फीसदी की वृद्धि हो सकती है। यानी, न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी से कर्मचारियों के जीवन की गुणवत्ता में और सुधार आने की उम्मीद है। सातवें वेतन आयोग के बाद न्यूनतम आय 18 हजार रुपये प्रतिमाह हो गया, मगर क्या आप जानते हैं कि पहले वेतन आयोग के दौरान न्यूनतम आय 50 रुपये प्रतिमाह था। देश का पहला वेतन आयोग मई, 1946 में गठित हुआ था, ताकि आजादी के बाद वेतन ढांचे को सुसंगत बनाया जा सके। अब तक सात वेतन आयोग बनाए जा चुके हैं और हर आयोग के साथ लाभार्थियों की संख्या भी बढ़ती गई। सातवें वेतन आयोग का लाभ करीब एक करोड़ कर्मचारियों को मिल रहा है।
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सैलरी - फोटो : freepik
पहला वेतन आयोग (मई 1946-मई 1947)
अध्यक्ष-
श्रीनिवास वरदाचार्य
  • मुख्य जोर आजादी के बाद वेतन ढांचे को सुसंगत बनाना
  • ‘जीवन यापन के लिए वेतन’ के सिद्धांत को पेश किया, न्यूनतम वेतन 55 रुपये प्रति माह, अधिकतम 2000 रुपये प्रतिमाह।
  • 15 लाख कर्मचारियों को मिला था लाभ।
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वेतन - फोटो : अमर उजाला
दूसरा : (अगस्त 1957-अगस्त 1959)
अध्यक्ष
- जगन्नाथ दास
  • जीवनयापन लागत और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन बनाने पर जोर
  • न्यूनतम वेतन 80 रुपये प्रति माह करने की सिफारिश की।
  • समाज के समाजवादी पैटर्न की अवधारणा पेश की, 25 लाख कर्मचारियों को लाभ।

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इमा माह एक दिन पहले आएगा वेतन। - फोटो : अमर उजाला
तीसरा : (अप्रैल 1970-मार्च 1970)
अध्यक्ष-
रघुबीर दयाल
  • न्यूनतम वेतन 185 रुपये प्रति माह करने की सिफारिश की
  • निजी-सरकारी क्षेत्र के वेतन में समानता पर जोर।
  • वेतन ढांचे में असंगति दूर करने पर जोर, 30 लाख कर्मचारियों को लाभ।
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रुपया (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
चौथा : (सितंबर 1983-दिसंबर 1986)
अध्यक्ष-
पीएन सिंघल
  • न्यूनतम वेतन 750 रुपये प्रति माह करने की सिफारिश
  • सभी रैंक के बीच वेतन असमानता दूर करने पर जोर
  • प्रदर्शन आधारित वेतन ढांचा पेश किया, 35 लाख कर्मचारियों को लाभ
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Bank - फोटो : AdobeStock
5वां : (अप्रैल 1994-जनवरी 1997)
अध्यक्ष-
जस्टिस एस रत्नावेल पांडियन
  • न्यूनतम वेतन 2550 रुपये प्रति माह करने की सिफारिश
  • पे स्केल की संख्या घटाने की सिफारिश
  • सरकारी कार्यालयों के आधुनिकीकरण पर जोर
  • 40 लाख कर्मचारियों को लाभ
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bank passbook new - फोटो : Adobe Stock
छठा : (अक्तूबर 2006-मार्च 2008)
अध्यक्ष-
जस्टिस बीएन श्रीकृष्णा
  • पे बैंड व ग्रेड पे की अवधारणा पेश की, न्यूनतम वेतन 7000 रुपये प्रति माह।
  • अधिकतम वेतन 80000 रुपये प्रति माह
  • प्रदर्शन आधारित पुरस्कार दिए जाने की अवधारणा पेश की
  • 60 लाख कर्मचारियों को लाभ

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Bank Recruitment 2024 - फोटो : freepik
सातवां : (फरवरी 2014-नवंबर 2016)
अध्यक्ष-
जस्टिस एके माथुर
  • पे बैंड और ग्रेड पे की अवधारणा पेश की
  • न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये प्रति माह ग्रेड पे सिस्टम की जगह एक पे मैट्रिक्स की अवधारणा पेश की
  • भत्तों और काम व घर के बीच संतुलन पर ध्यान केंद्रित किया
  • 1 करोड़ कर्मचारियों को लाभ।

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आठवां वेतन आयोग - फोटो : amarujala.com
नए साल में केंद्र सरकार ने लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को तोहफा दिया है। केंद्र सरकार ने गुरुवार को आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी देने का एलान कर दिया। गठन के बाद आयोग की रिपोर्ट के आधार पर कर्मचारियों की सैलरी और पेंशनधारकों के पेंशन में इजाफा होगा। लाभान्वित होने वाले लोगों की संख्या एक करोड़ से अधिक होगी।

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आठवें वेतन आयोग - फोटो : अमर उजाला
सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी देने का फैसला लिया गया। 7वें वेतन आयोग का गठन 2016 में किया गया था और इसका कार्यकाल 2026 में समाप्त होगा। वैष्णव ने आगे कहा कि आयोग के अध्यक्ष और दो सदस्यों की नियुक्ति जल्द ही की जाएगी।
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