फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fisher Space Pen: दुनिया का सबसे महंगा पेन, जानिए इसकी हैरान कर देने वाली टेक्नोलॉजी

Mon, 18 May 2026 11:51 AM IST
Jyoti Mehra फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Fisher Space Pen Price: फिशर स्पेस पेन ने लेखन को धरती की सीमाओं से बाहर तक पहुंचाया, यही कारण है कि इसे बेहद खास पेन माना जाता है। आइए जानते हैं अंतरिक्ष की कठोर परिस्थितियों को मात देने वाले इस पेन की कीमत।
विज्ञापन
1 of 5
फिशर स्पेस पेन - फोटो : AI
Space Pen Price: आमतौर पर पेन बस लिखने का साधन होता है, लेकिन जब ये छोटी सी चीज भी अगर स्पेस टेक्नोलॉजी से लैस हो तो उसकी कीमत आसमान छू सकती है। ऐसा ही एक करिश्माई आविष्कार है फिशर स्पेस पेन, जिसने लेखन को धरती की सीमाओं से बाहर तक पहुंचा दिया। अंतरिक्ष की कठोर परिस्थितियों को मात देने वाले इस पेन की कीमत जानकर आपको हैरानी होगी। आइए जानते हैं कि इसका आविष्कार कैसे हुआ और इसकी कीमत कितनी है।

Stupid Bird: जूते जैसी चोंच वाला ये खतरनाक शिकारी क्यों कहलाता है मूर्ख? जानें वजह
Worlds Oldest Dog: दुनिया के सबसे बूढ़े कुत्ते का निधन, दिल छू जाएगी ‘लाजारे’ की कहानी
विज्ञापन

2 of 5
कैसे शुरू हुई यह कहानी? - फोटो : adobestock
कैसे शुरू हुई यह कहानी?
1960 के दशक में, जब अंतरिक्ष यात्राओं का दौर अपने चरम पर था, तब वैज्ञानिकों के सामने एक अनोखी समस्या आई स्पेस में लिखेंगे कैसे? साधारण पेन वहां काम नहीं करते, क्योंकि गुरुत्वाकर्षण के अभाव में स्याही नीचे नहीं बहती। इसी चुनौती को अवसर में बदला अमेरिकी इन्वेंटर पॉल फिशर ने।
 
विज्ञापन

3 of 5
प्रेशराइज्ड इंक कार्ट्रिज तकनीक की मदद से बना पेन - फोटो : adobestock
लंबे शोध और प्रयोगों के बाद उन्होंने एक खास तकनीक विकसित की 'प्रेशराइज्ड इंक कार्ट्रिज'। इसमें नाइट्रोजन गैस का दबाव स्याही को हर दिशा में बहने में मदद करता है। यानी यह पेन उल्टा पकड़कर, पानी के भीतर, बर्फ पर या तेल जैसी सतह पर भी बिना रुके लिख सकता है।

सिर्फ इतना ही नहीं, यह -34°C से लेकर +121°C तक के तापमान में भी बेहतरीन तरीके से काम करता है। एक बार भरा गया कार्ट्रिज करीब 50 किलोमीटर तक लिख सकता है, जो इसे बेहद टिकाऊ और भरोसेमंद बनाता है। यही वजह है कि नासा ने अपोलो मिशन से लेकर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन तक इसका इस्तेमाल किया। दिलचस्प बात यह है कि बाद में सोवियत स्पेस प्रोग्राम ने भी इसी पेन को अपनाया।
 

4 of 5
कीमत का सच और चर्चा - फोटो : adobestock
कीमत का सच और चर्चा
अक्सर यह कहा जाता है कि इस पेन को बनाने में करोड़ों खर्च हुए, लेकिन सच्चाई कुछ और है। पॉल फिशर ने इसे अपने खर्च पर विकसित किया और बाद में नासा को किफायती दाम पर उपलब्ध कराया।

आज बाजार में इसका साधारण वर्जन कुछ हजार रुपये में मिल जाता है, जबकि लिमिटेड एडिशन या असली स्पेस मिशन में इस्तेमाल हुए पेन की कीमत लाखों तक पहुंच जाती है। कुछ दुर्लभ पीस तो नीलामी में करोड़ों का आंकड़ा भी छू लेते हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह सिर्फ एक पेन नहीं, बल्कि तकनीक और इनोवेशन का प्रतीक है, जिसने पूरी पेन इंडस्ट्री को नई दिशा दी।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
क्यों है इतना खास? - फोटो : adobestock
क्यों है इतना खास?
फिशर स्पेस पेन की सबसे बड़ी ताकत है, इसकी मजबूती और लंबी उम्र। यह वर्षों तक बिना खराब हुए काम कर सकता है। यही कारण है कि वैज्ञानिकों से लेकर कलेक्टर्स तक, हर कोई इसे खास मानता है। अगर आप भी इसे खरीदना चाहते हैं, तो सिर्फ आधिकारिक स्रोत से ही लें, क्योंकि बाजार में इसके नकली वर्जन भी खूब बिकते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें