Worlds Most Expensive Book: किताबें सिर्फ शब्दों का संग्रह नहीं होतीं, कुछ किताबें इतिहास की दिशा बदलने की ताकत रखती हैं। ऐसी ही एक अनमोल धरोहर है गूटेनबर्ग बाइबिल, एक ऐसी किताब जिसकी कीमत सिर्फ पैसों में नहीं, बल्कि उसके प्रभाव और विरासत में मापी जाती है।
गूटेनबर्ग बाइबिल को दुनिया की सबसे महंगी और ऐतिहासिक किताबों में गिना जाता है। इसे 1455 के आसपास जर्मनी में योहानेस गूटेनबर्ग ने छापा था। यही वह किताब थी जिसने पश्चिमी दुनिया में प्रिंटिंग तकनीक की नई शुरुआत की और ज्ञान के प्रसार को एक नई रफ्तार दी। यह पहली बड़ी किताब थी जो मूवेबल टाइप प्रिंटिंग तकनीक से तैयार हुई थी।
आज के समय में गूटेनबर्ग बाइबिल की एक पूरी प्रति की अनुमानित कीमत 25 मिलियन से 150 मिलियन डॉलर (करीब 200 करोड़ से 1,250 करोड़ रुपये) तक आंकी जाती है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि इतनी बेशकीमती होने के बावजूद इसे खरीदा या बेचा नहीं जा सकता। इसकी ज्यादातर बची हुई प्रतियां दुनिया के बड़े संग्रहालयों, लाइब्रेरी और विश्वविद्यालयों में सुरक्षित रखी गई हैं।