फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हवा में लटक कर जा सकेंगे एक देश से दूसरे देश, आठ मिनट से भी कम समय लगेगा

Fri, 02 Aug 2019 02:09 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
केबल कार टर्मिनल ब्लागोवेशचेंस्क, रूस - फोटो : UNStudio/PYXID
चीन और रूस में लोगों के लिए एक अनोखी सुविधा शुरू होने वाली है। इस सुविधा के अनुसार, अब महज आठ मिनट से भी कम समय में लोग एक देश से दूसरे देश जा सकेंगे। दोनों देशों के बीच यह सुविधा अगले साल यानी साल 2020 में शुरू होगी। 
विज्ञापन

2 of 5
केबल कार टर्मिनल ब्लागोवेशचेंस्क, रूस - फोटो : UNStudio/PYXID
दरअसल, दोनों देशों के बीच केबल कार का निर्माण किया जाएगा। यह केबल कार चीन के पूर्वोत्तर में स्थित हेइहे शहर से रूस के ब्लागोवेशचेंस्क शहर तक जाएगी। इस दौरान लोग रूस और चीन की सीमा पर स्थित आमून नदी की खूबसूरती भी देख सकेंगे। 
विज्ञापन

3 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसा पहली बार होगा, जब दो देशों के बीच केबल कार सेवा शुरू होगी। वैसे तो केबल कार के जरिये हेइहे शहर से ब्लागोवेशचेंस्क शहर तक जाने में लोगों को साढ़े सात मिनट का समय लगेगा, जिसमें कई स्टॉपेज (पड़ाव) भी शामिल हैं, लेकिन इसका नॉन स्टॉप (बिना रुके) सफर महज साढ़े तीन मिनट का ही होगा। 

4 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pexels
इस अंतरराष्ट्रीय केबल कार की खासियत ये है कि इसमें चार केबिन होंगे, जिससे एक बार में कुल 60 यात्री एक देश से दूसरे देश जा सकेंगे, जिसमें उनका सामान भी शामिल है। केबल कार के लिए लोगों को ज्यादा इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि यह हर 15 मिनट पर उपलब्ध होगी। माना जा रहा है कि इस केबल कार सेवा का मजा लेने के लिए रूस और चीन ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों के लोग भी आएंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
ब्लागोवेशचेंस्क केबल कार टर्मिनल - फोटो : UNStudio/PYXID
रूस में इस केबल कार की डिजाइनिंग का काम एम्सटर्डम के यूएन स्टूडियो ने किया है। इस परियोजना में रूसी कंसल्टिंग कंपनी स्ट्रेल्का केबी भी शामिल है। हालांकि चीन की ओर से अभी इस बात का एलान नहीं किया गया है कि उधर से केबल कार टर्मिनल का निर्माण कौन सी कंपनी करेगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें