अंटार्कटिका महाद्वीप दुनिया का सबसे सर्द इलाका है। यहां कई बार तापमान माइनस 90 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। बहुत से लोग इसे बर्फीला कब्रिस्तान कहते हैं। आबादी वाली दुनिया के दूसरे छोर पर स्थित ये महाद्वीप कई ऐसे लोगों की कब्र अपने आगोश में समेटे है, जिनके आखिरी दीदार भी उनके परिजनों को नसीब नहीं हुए।
इंसान ने भले ही तकनीक के क्षेत्र में जबरदस्त तरक्की कर ली हो, मगर अंटार्कटिका में कुदरत की भयंकर चुनौतियों के आगे ये प्रगति बौनी साबित होती है। अंटार्कटिका की खोज में निकले अन्वेषक हों या प्रयोग करने गए वैज्ञानिक, यहां आने वाले कई लोग हमेशा के लिए यहीं दफन हो गए। न उनकी लाश मिली, न हड्डियां। वो या तो बर्फ की मोटी परत में दब गए या फिर ऐसी सर्द दरारों में फंस गए, जहां से वो फिर नहीं निकल सके।