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ये हैं दुनिया 10 सबसे खतरनाक एजेंसियां, दुश्मन की आंखों के नीचे से चुरा लेते हैं काजल

Tue, 09 Oct 2018 05:17 PM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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क्या आपको पता है देश की आंतरिक सुरक्षा में सबसे अहम रोल खुफिया एजेंसियों का होता है। हर देश में नागरिकों, दस्तावेजों और खुफिया बातों की सुरक्षा की जिम्मेदारी बहुत ही शांत और शातिर तरीकों से खुफिया एजेंसी करती है। इन एजेंसियों में काम करने वाले लोग और तरीके किसी को पता नहीं होते हैं। ये हैं दुनिया की 10 सबसे शक्तिशाली खुफिया एजेंसियां, जो दुश्मन को देती हैं चकमा।  

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अमेरिका की बहुचर्चित खुफिया एजेंसी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) है। 1947 में तत्कालीन राष्ट्रपति हैरी ए ट्रूमैन ने इसकी स्थापना की थी। सीआईए चार हिस्सों में बंटी हुई है। वाशिंगटन के पास वर्जीनिया में इसका मुख्यालय है। सीआईए डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस को रिपोर्ट करती है। साइबर क्राइम, आतंकवाद रोकने समेत सीआईए देश की सुरक्षा के लिए काम करती है।
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इजराइल की राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी मोसाद को सभी खुफिया एजेंसियों का गॉडफादर कहा जाता है। मोसाद की स्थापना 13 दिसम्बर, 1949 को की गई थी। इसका मुख्यालय टेल अवीव में स्थित है। यह एजेंसी दुनिया के कुछ सबसे साहसी अंडरवर्ल्ड ऑपरेशनों में शामिल रही है।मोसाद की प्रमुख जिम्मेदारी खुफिया तरीके से देश की रक्षा करना और आतंकवाद के खिलाफ कार्य करना हे जिसमें यहूदियों को उन राष्ट्रों से इसराइल लाना भी शामिल है।

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भारत की खुफिया एजेंसी रॉ यानी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग को दुनिया की ताकतवर खुफिया एजेंसियों में माना जाता है। इसका मुख्यालय दिल्ली में स्थित है। राॅ की स्थापना 1968 में की गई थी। इस एजेंसी की खास बात ये है कि ये भारत के प्रधानमंत्री के अलावा किसी के प्रति जवाबदेह नहीं है। रॉ विदेशी मामलों, अपराधियों, आतंकियों के बारे में पूरी जानकारी रखती है। वहीं, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) भी देश की सुरक्षा के लिए काम करती है।
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यूनाइटेड किंगडम की मिलिट्री इंटेलिजेंस सेक्शन-6 (MI6) खुफिया एजेंसी है। सबसे पुरानी खुफिया एजेंसियों में से एक MI6 की स्थापना 1909 में की गई थी। डिफेंस, सरकार के साथ जानकारी साझा करने जैसे काम करती है MI6 ज्वाइंट इंटेलिजेंस। देश की संस्थाओं पर नजर रखने का काम भी MI6 के जिम्मे है।
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पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (इंटर सर्विसेस इंटेलीजेंस) की स्थापना साल 1948 में हुई थी। इसका मुख्यालय इस्लामाबाद के शहराह ए सोहरावर्दी में है। इसकी नींव ऑस्ट्रेलियाई मूल के ब्रिटिश आर्मी ऑफिसर मेजर जनरल आर. कैथोम ने रखी थी, जो उस वक्त पाकिस्तानी आर्मी स्टाफ के मुख्य थे। देश की सुरक्षा के नाम पर आईएसआई पर आए दिन आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगते हैं, कई आतंकी हमलों में उसका हाथ माना जाता है।
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चीन की खुफिया एजेंसी मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सेफ्टी (एमएसएस) को 1983 में बनाया गया था। इसका मुख्यालय बीजींग में है। इस एजेंसी के जिम्मे काउंटर इंटेलिजेंस ऑपरेशंस और विदेशी खुफिया ऑपरेशन्स को चलाना है।

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फ्रांस की इंटेलिजेंस एजेंसी डीजीएसई को 2 अप्रैल 1982 में बनाया गया था, जिसका मकसद फ्रांस सरकार के लिए विदेशों से खुफिया जानकारी एकत्र करना था। डीजीएसई का मुख्यालय पेरिस में है। डीजीएसई फ्रांसीसी रक्षा मंत्रालय के निर्देशों के तहत काम करता है। फ्रांस सरकार डीजीएसई पर कम से कम यूएस $ 731,807,192.50 खर्च करती है।

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रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (एफएसबी) खुफिया एजेंसी है। इसकी स्थापना 12 अप्रैल 1995 को हुई थी। एफएसबी का मुख्यालय मॉस्को में है। खुफिया से जुड़े मामलों के अलावा एफएसबी बॉर्डर से जुड़े मामलों पर भी गहरी नजर रखती है।

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ऑस्ट्रेलियन सीक्रेट इंटेलिजेंस सर्विस (एएसआईएस) ऑस्ट्रेलिया की खुफिया एजेंसी है। इसकी स्थापना 13 मई 1952 को की गई थी। इसका मुख्यालय ऑस्ट्रेलिया के केनबरा में स्थित है। एएसआईएस की तुलना अमेरिका के सीआईए और यूके की खुफिया एजेंसी एमआई-6 से की जाती है।
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जर्मनी की खुफिया एजेंसी बीएनडी है। जर्मनी ने सन 1965 में बुँदेस नचरिचटें डीएन्स, Bundes Nachrichten Dienst नाम की इस एजेंसी की स्थापना की थी। इसका मुख्यालय पुलाच म्यूनिख में स्थित है।  बीएनडी को दुनिया की सबसे बेहतरीन खुफिया और आधुनिक तकनीकों से लैस एजेंसी माना जाता है। 
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