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कैंसर से भी दर्दनाक है यह बीमारी, पीड़ित खुद खत्म कर लेते हैं अपनी जिंदगी

Fri, 10 Aug 2018 04:29 PM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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suicide demo - फोटो : Barcroft
खाना बनाते वक्त हमारी उंगली गर्म बर्तन पर जरा सी लग जाती है, तो हालत खराब हो जाती है। जलन और दर्द तो होता ही है, देखते ही देखते निशान भी पड़ जाता है। मगर एक महिला ऐसी है जिसके शरीर में हर सेकेंड इतनी जलन होती है मानो किसी ने सच में उसके शरीर को आग लगा दी हो। यही नहीं, उसके पूरे बदन पर जलने-कटने के निशान भी हो जाते हैं।
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Suicide Disease - फोटो : Barcroft
महिला जिस बीमारी से जूझ रही है उसे क्रोनिक रीजनल पेन सिंड्रोम (सीआरपीएस) कहा जाता है। इस बीमारी का कोई ईलाज नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार इस बीमारी से इतनी भयंकर पीड़ा होती है कि इससे पीड़ित अधिकतर लोगों ने आत्महत्या कर ली। इसलिए इसे सुसाइड डिजीज भी कहते हैं।
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Suicide Disease - फोटो : Barcroft
सीआरपीएस को दुनिया की सबसे दर्दनाक बीमारी मानी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि इससे जूझने वालों को कैंसर, बच्चे के जन्म या शरीर का अंग कट जाने से भी ज्यादा पीड़ा होती है। इस बीमारी से जूझने वाले इंसान के पूरे शरीर में हर पल जलन होती रहती है।

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Suicide Disease - फोटो : Barcroft
अमेरिकी राज्य एरिजोना की रहने वाली 29 वर्षीय कायला हैनसेन पिछले दो साल से इस बीमारी से जूझ रही हैं। शुरुआत में उन्हें एक हाथ में यह तकलीफ थी। देखते ही देखते बीमारी चौथे और आखिरी स्टेज में पहुंच गई और अब तकलीफ पूरे शरीर में जलन होती है।
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Suicide Disease - फोटो : Barcroft
दो साल पहले दो दरवाजे के बीच में महिला का हाथ कुचल गया था। तब तो मरहम पट्टी करके तकलीफ ठीक हो गई। मगर उस मामूली से हादसे ने उसकी पूरी जिंदगी तबाह कर दी। हाथ में उसे चोट लगी थी साल भर बाद उसमें जलन महसूस होने लगी। 
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Suicide Disease - फोटो : Barcroft
'बारक्रॉफ्ट मीडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक जब महिला डॉक्टर के पास पहुंची, तो जांच के बाद इस बीमारी के बारे में पता चला। डॉक्टर ने बताया कि यह बीमारी शरीर में शिथिल अवस्था में होती है। मगर मामूली सी चोट इसे सक्रिय कर सकती है। महिला ने बताया कि पहले जहां वह हफ्ते में 60- 80 घंटे काम करती थी, अब हफ्ते के तीन-चार दिन तक बिस्तर से उठ भी नहीं पाती। उसकी हड्डी और मांसपेशियों में असहनीय दर्द होता है। अब वह इस बात को मान चुकी है कि जब तक उसकी सांसें चल रही हैं, उसे इसी दर्द के साथ जीना होगा...
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