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रोबोट्स की शादी के बारे में सुना है, दो साल पहले हो चुकी है, सबूत देख लीजिए

Sun, 19 Nov 2017 12:30 PM IST
गोविंद कुमार
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ROBOT WEDDING - फोटो : Huffington Post
करीब दो साल पहले 27 जून 2015 जापान के टोक्यो शहर में दो रोबोट्स की शादी हुई थी। इसमें मेहमानों को शादी के कार्ड्स भी भेजे गए थे। शादी समारोह में मेहमानों की भीड़ में रोबोट्स भी शामिल हुए थे। इसमें दूल्हे रोबोट का नाम फ्रॉइस एवं दुल्हन रोबोट का नाम युक्रिन था। शादी के बाद इस रोबोट कपल ने केक भी काटा था।
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- फोटो : Daily Mail
इस खबर की बातें थम नहीं रही थीं कि जर्मनी में एक रोबोट ने एक व्यक्ति का बड़ी ही निर्ममता से कत्ल कर दिया। पूरे विश्व में अब सनसनी थी, आधुनिक बनने की होड़ में और ताकतवर दिखने की चाहत में हमने जो रोबोट्स बनाए थे, वे रोबोट्स अब हमारी जान ले रहे हैं। जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से लगभग 100 किमी. उत्तर में बौनातल स्थित फॉक्सवैगन कंपनी की एक फैक्ट्री में 22 वर्षीय एक व्यक्ति अपनी टीम के  साथ रोबोट को दूसरा काम करने के लिए प्रोग्राम कर रहा था, उसी दौरान रोबोट ने उसे दबोच लिया।
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- फोटो : Daily Mail
रोबोट ने उसे कुछ देर इधर-उधर पटकने के बाद मेटल प्लेट से कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि, रोबोट के कातिल हो जाने की यह कहानी नई नहीं है। 1979 में रोबोट द्वारा किसी मानव की हत्या की पहली घटना घटी थी, जिसमें जापान की कावाशाकी फैक्ट्री में एक रोबोट ने अपने हाथ से एक मजदूर को कुचलकर मार दिया था। तब यह तर्क दिया गया था कि वह रोबोट बहुत आधुनिक नहीं है और उसकी प्रोग्रामिंग में कुछ गलतियां थीं।

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- फोटो : Daily Mail
साल 2015 में रोबोट के कातिल हो जाने के बाद भी हमारे पास क्या तर्क बचते हैं? जिस व्यक्ति ने पहली बार ‘रोबोट’ शब्द का इस्तेमाल किया था, उन्होंने संपूर्ण विश्व को ऐसे खतरों के प्रति आगाह किया था। चेकोस्लोवाकिया के साइंस फिक्शन के लेखक कारेल कापेक ने सन 1920 में लिखे अपने नाटक में 'रोसम्स यूनिवर्सल रोबोट्स' में बताया था कि रोबोट कितने घातक हो सकते हैं। चेक भाषा में रोबोट का अर्थ  है- नीरस काम में लगे होना या 'बंधुआ मजदूर'।
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- फोटो : Daily Mail
इस नाटक की कहानी कुछ यूं है  कि एक व्यक्ति समुद्रीय जीवन विज्ञान के अध्ययन के लिए एक द्वीप पर आता है। कुछ दिनों बाद उसके हाथ अचानक एक ऐसा रसायन लग जाता है, जोकि एक जीन द्रव्य की तरह से काम करता है। वह इससे एक कुत्ता और मनुष्य बनाने की कोशिश करता है और असफल हो जाता है। कई सालों के बाद उसका भतीजा एक रोबोट बनाने में कामयाब हो जाता है। नाटक के अगले हिस्से में पता चलता है कि रोबोट इंसानों के लिए घातक है। परिस्थितियां ऐसी बनती हैं कि वह रोबोट एक शख्स को छोड़कर बाकी सभी की हत्या कर देता है।    

मनोरंजन डेस्क, अमर उजाला
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