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जंगल की चाहत में शहरों की बलि, सोच में पड़ जाएंगे अगर वजह पता चली

Sat, 18 Nov 2017 09:11 AM IST
amarujala.com, Presented by: राजेश सैनी
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एक खोज में पाया गया है कि कुछ ही साल में शहर जंगल नजर आएंगे। हैरान रह गए न ये सुनकर... अब इसका कारण भी जान लो, तब और भी ज्यादा हैरान रह जाओगे।
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शायद कुछ सालों में शहर जंगलों जैसे नजर आएंगें जहां बड़े-बड़े वृक्ष होंगे। हम ये जानते हैं कि आपको इस बात पर यकीन नहीं होगा, क्योंकि आपके दिमाग में तो यही चलेगा कि ग्लोबल वॉर्मिंग और वातावरण में आ रहे चेंजेस से जहां जंगल सिमटते जा रहे हैं, तो शहर को जंगल बनाने की बात कहां से उठी..?  

दरअसल, इस सवाल का जवाब एक रिसर्च में पाया गया है। परिणाम बेहद चौंकान वाले हैं। इसलिए इन्हें जानने से पहले आप भी गंभीर हो जाएं। दरअसल, एक रिसर्च में पाया गया है कि जंगलों की अपेक्षा शहर में पेड़-पौधे ज्यादा फलफूल रहे हैं। 
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जंगलों की अपेक्षा शहर के पेड़-पौधों में ज्यादा तेज ग्रोथ पाई गईइ है। इस प्रमुख अध्ययन के लिए 10 विभिन्न शहरों को कवर किया गया। यूं समझ लिजिए कि अब दुनिया भर में बढ़ते तापमान और बढ़ते शहरीकरण के साथ-साथ हमारे आसपास मौजूद पेड़-पौधे भी प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि किस तरह से शहरीकरण हमें विपरीत रिजल्ट दे रहा है।

यह शौध जर्मनी में तकनीकी विश्वविद्यालय म्यूनिख (टीएम) की एक टीम ने किया है। इसके लिए उन्होंने पिछले 150 वर्षों में 1,383 वृक्षों के विकास का अध्ययन करने के लिए नमूनों का इस्तेमाल किया। इस अध्ययन के रिजल्ट जब उन्होंने देखे तो वे हैरान रह गए। उन्होंने पाया कि शहरी पेड़ ग्रोथ में कुल मिलाकर दौड़ जीत रहे हैं।

 
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फोरेस्ट साइंटिस्ट Hans Pretzsch ने कहा, "हम जलवायु परिवर्तन को लेकर अभी तक केवल जंगलों की और ही केंद्रीत रहे और वहां के पेड़-पौधों पर पड़ने वाले प्रभावों को ही ध्यान में रखा। ऐसे में शहरों में पेड़ों पर पड़ने वाले प्रभाव की कम जानकारी जुटाई गई। इस कड़ी में जो चौंकाने वाले रिजल्ट सामने आए हैं वे वाकई बेहद कम जानकारी उपलब्ध कराते हैं। इससे आगे भी कई हैरान करने वाले निष्कर्ष सामने आ सकते हैं।

आगे जोड़ते हुए उन्होंने कहा है कि "हम यह दिखा सकते हैं कि एक ही उम्र के शहरी वृक्ष गांव के पेड़ों की तुलना में औसत से कहीं अधिक बड़ा हैं। इसका कारण साफ है कि शहरी पेड़ों में तेजी से वृद्धि हो रही है। इन दोनों में 50 साल की उम्र का अंतर नजर आता है।' 
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