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यहां समुद्र किनारे खड़ी कर दी कंक्रीट की इतनी ऊंची दीवार, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

Sat, 10 Mar 2018 06:18 PM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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'11 मार्च 2011' ये तारीख ज्यादातर लोग भूल चुके होंगे। लेकिन उन लोगों को ये तारीख आज भी याद है जिन पर इस दिन कहर टूटा था। जी हां , हम बात कर रहे हैं जापान में आई सुनामी की। इसी दिन जापान को समुद्र ने निगलने की कोशिश की थी। 
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इस दौरान हजारों लोग मारे गए, कई बेघर हो गए। एक साथ जापान को इतना तगड़ा झटका मिला था कि यह इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। जापान इस घटना को भूला नहीं और न ही वह इसे भूलना चाहता। लेकिन हमें इस देश से एक सबक जरूर लेना चाहिए। जापान हर क्षति से सबक लेता है और सीख लेकर हल तलाशता है ताकि भविष्य में उसे फिर कभी ऐसी घटना का सामना न करना पड़े।




 
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अगर आपने पढ़ा हो द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान ने परमाणु बम हमले के बाद युद्ध और परमाणु हथियारों से दूरियां बना ली थी। उस युद्ध में जापान ने काफी कुछ खोया था। ऐसे ही जब 2011 में सुनामी ने जापान को आघात पहुंचाया तो जापान ने इससे भी सबक लिया और फिर देखिए क्या किया। जिस स्थान से जापान में समुद्र का पानी शहर में दाखिल हुआ था, आज वहां इस देश ने इतनी ऊंची दीवार खड़ी कर दी है कि दोबारा अगर वैसी ही आपदा आए तो किसी का बाल भी बांका न कर पाए।

 

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नॉर्थ ईस्ट कोस्ट पर लोगों ने आज दोबारा अपनी जिंदगी शुरू कर ली है। वे इस विश्वास के साथ यहां लौटे हैं कि अब उन्हें कोई सुनामी उजाड़ नहीं सकती। एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि अगर अगली बार ऐसी सुनामी आती है तो दीवार उससे प्रोटेक्ट करने में सक्षम है। बता दें यह दीवार बनाने में 82 हजार करोड़ रु. खर्च हुए हैं। समुद्र के किनारे बनी कांक्रीट की ये दीवार 12.5 मीटर यानी 41 फीट ऊंची हैं।

 
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ये दीवार 395 किमी की दूरी में बनी हुई है। लेकिन कुछ लोग इस दीवार का सही नहीं मानते। एक रिपोर्ट की मानें तो एक 52 साल के एक शख्स ने अपना एक्सपीरियंस शेयर किया है जिसमें उसने कहा यहां रहने पर ऐसा लगता है कि जैसे हम जेल में हों। वो भी तब जबकि हमने कोई अपराध किया ही नहीं। तो वहीं कई लोकल लोग दीवार बनाने की पहल को सही बता रहे हैं। 

 
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