कहने को 'हाथी' है लेकिन शौक नवाबी है। तभी तो शहर की सबसे खास दुकानों को इसने अपनी टॉप लिस्ट में शामिल कर रखा है। अपना चाव पूरा करने के लिए ये हाथी रोजाना सूंड उठाए यहां पहुंच जाता है।
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हाथी से आशिर्वाद लेते लोग
आपको शायद जानकर हैरानी होगी कि यह हाथी अपना शौक पूरा करने के लिए पिछले 12 साल से यहां रोजाना आ रहा है। दुकानदार भी इस हाथी को चाहने लगे हैं। वे भी हाथी का ये शौक पूरा करने के लिए तैयार रहते हैं। इन दुकानदारों का मानना है कि साक्षात गणेश भगवान इनके दर पर रोज आते हैं तो उनका काम-धंधा बढ़िया चलता है।
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हाथी का नवाबी शौक
अमूमन हाथी गन्ना या केला खाना पसंद करते हैं लेकिन इस हाथी के पान खाने के शौक ने इसे लोकप्रिय बना दिया है। अब तो लोग भी कहते हैं इस हाथी के नवाबी शौक हैं।
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हाथी को पान खिलाता पनवाड़ी
पिछले 12 साल से चला आ रहा ये सिलसिला
शौक इस कदर इसके सिर चढ़ कर बोलता है कि पान की गंध आते ही ये खुद-ब-खुद बहकने लगता है और फिर पहुंच जाता है सीधे अपने ठिकाने पर। शहर की कुछ खास दुकानों को इसने अपना अड्डा बना लिया है। जब तक पनवाड़ी इसका मुंह मीठा न करा दे वहां से हिलता नहीं। शहर की जिन टॉप लिस्टेड दुकानों पर यह हाथी जाता है वे इसके लिए पहले से स्पेशल पान तैयार रखते हैं। कहते हैं आदत हो गई है हुजूर... पिछले 12 साल से ये सिलसिला चला आ रहा है।
हाथी को पान खाने की लत कब और कैसे लगी..?
इस गज को पान खाने की लत कब और कैसे लगी इसकी किसी को खबर नहीं लेकिन महावत जमीन खान ने बताया कि यह पिछले 12 सालों से पान का लुत्फ उठाता आ रहा है। बहरहाल, यहां के लोगों के लिए हाथी का यूं बाजार में आना और पान खाने वाला नजारा आम बात है। हालांकि, जो पहली बार आता है उसके लिए यह बड़ा ही रोमांचक अनुभव होता है। बाजार के पनवाड़ी भी पान खिलाने के बाद हाथी की सूंड़ छूकर उसे प्रणाम करते हैं और हाथी उन्हें सूंड़ उठाकर आशीर्वाद भी देता है।